हापुड़

कम्युनिटी वेलफेयर में उत्कृष्ट योगदान के लिए रम्या रामचंद्रन को टाइम्स बिज़नेस अवॉर्ड 2026

उर्मिला मातोंडकर ने किया सम्मानित

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो

रम्या रामचंद्रन, मैनेजिंग ट्रस्टी — श्री अय्यनार एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट तथा उपाध्यक्ष — सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, को वर्ष 2026 के “आउटस्टैंडिंग कंट्रीब्यूशन टू कम्युनिटी वेलफेयर” श्रेणी में प्रतिष्ठित टाइम्स बिज़नेस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

हापुड़ – सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, को वर्ष 2026 के “आउटस्टैंडिंग कंट्रीब्यूशन टू कम्युनिटी वेलफेयर” श्रेणी में प्रतिष्ठित टाइम्स बिज़नेस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें समाज के वंचित वर्गों के लिए उनके निरंतर और संरचित सेवा कार्यों के लिए प्रदान किया गया है।

यह सम्मान नई दिल्ली के रेडिसन होटल, एमजी रोड में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जिसका आयोजन टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्हें यह सम्मान सुप्रसिद्ध अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर द्वारा प्रदान किया गया, जिसने इस उपलब्धि को और भी विशेष बना दिया। देशभर के उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में यह सम्मान उनके सेवा और नेतृत्व के सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में स्थापित हुआ।

भारत के तीन भिन्न क्षेत्रों—उत्तर प्रदेश के हापुड़, पुडुचेरी के वाझुथावुर और तमिलनाडु के अनैकाडु—में संचालित सामुदायिक रसोईयाँ पिछले दो वर्षों से निरंतर कार्यरत हैं। 14 अप्रैल 2024 से प्रारंभ यह पहल बिना किसी अवरोध के प्रतिदिन जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाने का कार्य कर रही है। प्रारंभ में दो स्थानों पर 250 भोजन प्रतिदिन वितरित किए गए, जिसे अगस्त 2024 में तीसरे स्थान तक विस्तारित किया गया। वर्तमान में प्रतिदिन 375 से अधिक लोगों तक भोजन पहुँचाया जा रहा है।

“अशाथी अन्नदान योजना” के अंतर्गत अब तक 2.5 लाख से अधिक भोजन वितरित किए जा चुके हैं तथा 3.5 लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया गया है। यह पहल केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि गरिमा-आधारित सेवा का उदाहरण है, जहाँ किसी प्रकार की शर्त या पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक सेवा प्रदान की जाती है।

रम्या रामचंद्रन ने इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं से भी जोड़ा है। पिछले दो वर्षों में 90 से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें 60,000 से अधिक लोगों को चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की गईं। इन शिविरों के माध्यम से हजारों लोगों को पहली बार स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच प्राप्त हुई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के अंतर्गत एक 1250-बेड का शिक्षण अस्पताल संचालित हो रहा है, जहाँ प्रतिवर्ष 250 एमबीबीएस और 100 से अधिक स्नातकोत्तर विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। इसके अतिरिक्त, नर्सिंग, फार्मेसी और पैरामेडिकल संस्थानों के माध्यम से हर वर्ष सैकड़ों प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर तैयार किए जाते हैं।

सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने मुकिमपुर गाँव को गोद लेकर उसके समग्र विकास की दिशा में कार्य किया है। साथ ही छात्रवृत्ति, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण साक्षरता जैसे क्षेत्रों में भी उनकी पहल निरंतर जारी है।

उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक पहचान मिली है। वर्ष 2025 में उन्हें एचटी भारत निर्माण कॉन्क्लेव में “सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा उत्कृष्टता एवं परोपकार” पुरस्कार तथा दैनिक जागरण द्वारा “सर्वश्रेष्ठ शिक्षाविद् एवं परोपकार” सम्मान से नवाज़ा गया। इसके अतिरिक्त, बिज़नेस टॉकज़ मैगज़ीन ने उन्हें “प्रमुख व्यक्तित्व 2024” के रूप में मान्यता दी।

यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जो अपने संसाधनों और जीवन को समाज की सेवा के लिए समर्पित करते हैं। रम्या रामचंद्रन ने निरंतरता, अनुशासन और करुणा के
साथ इस सिद्धांत को साकार किया है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा,
“यह सम्मान पूरी टीम और इस यात्रा का हिस्सा रहे प्रत्येक व्यक्ति का है। हम जो हर भोजन परोसते हैं, वह देखभाल, गरिमा और आशा का प्रतीक है। यह हमें और अधिक लोगों तक पहुँचने के लिए प्रेरित करता है।”

इस पहल का मूल दर्शन एक सरल विचार में निहित है—

“एवरी मील इज़ अ प्रॉमिस। एवरी डे इज़ अ कमिटमेंट। एवरी पर्सन मैटर्स।”

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