
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली के आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरदारनगर में ओवरहेड टैंक ढहने के मामले में शासन ने जल निगम ग्रामीण की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार को निलंबित कर दिया है। उन्हें जल निगम ग्रामीण के मुख्य अभियंता (बुंदेलखंड क्षेत्र) झांसी के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच गोरखपुर के मुख्य अभियंता विक्रम प्रताप सिंह को सौंपकर 15 जून तक रिपोर्ट मांगी है। कुमकुम गंगवार पर कर्तव्यों एवं दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन नहीं करने का आरोप है। गांव सरदारनगर में डेढ़ साल पहले जल निगम की ओर से 3.62 करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। चार मई की शाम को यह ओवरहेड टैंक ढह गया। हादसे में टंकी के पास बैठे गांव के ही डोलीलाल (32 वर्ष), अर्जुन (30 वर्ष), वीरपाल (45 वर्ष), रविंद्र (50 वर्ष), नन्कू (45 वर्ष) घायल हो गए थे। चार लोग मामूली रूप से जख्मी हुए थे। हादसे ने निर्माण कार्य में बरती गई अनियमितता की पोल खोल दी थी। इस मामले की जांच जिलाधिकारी और शासन स्तर से कराई गई।
गोकुल बैराज पार्ट-1 के काम में भी लापरवाही बरतने का है आरोप
निलंबित अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार पर मथुरा में अधिशासी अभियंता ड्रेनेज एवं सीवरेज इकाई के पद पर रहते हुए मथुरा पेयजल पुनर्गठन योजना थ्रू गोकुल बैराज पार्ट-1 के निर्माण में भी लापरवाही बरतने का आरोप है। योजना के अनुसार कृष्णा विहार कॉलोनी, मथुरा निर्मित जलाशय 30 जून 2024 को क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। जांच में जलाशय की गुणवत्ता खराब होने, काम में अनियमितता बरतने, विभाग को आर्थिक क्षति पहुंचाने, शासन के आदेश का अनुपालन न करने व आम जनमानस के समक्ष शासन की छवि धूमिल करने के आरोपों की पुष्टि हुई थी। इस मामले में भी कुमकुम गंगवार को दोषी पाते हुए कार्रवाई की जद में लाया गया है।

