गाजियाबाद

उत्तर प्रदेश में सुरक्षित वृक्षारोपण अभियान चलाने की मांग

लोनी को विशेष हरित विकास योजना में शामिल करने की अपील

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी, गाजियाबाद। लोनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार समेत कई अधिवक्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश सरकार को जनहित में ज्ञापन भेजकर प्रदेशभर में व्यापक और सुरक्षित वृक्षारोपण अभियान चलाने की मांग उठाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित संबंधित अधिकारियों को भेजे गए ज्ञापन में मानसून-2026 के दौरान बड़े स्तर पर पौधारोपण कराने के साथ-साथ लगाए गए पौधों की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत राज्य वन रिपोर्ट (आईएसएफआर)-2023 के अनुसार उत्तर प्रदेश में वन क्षेत्र कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का केवल लगभग 6.24 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार 33 प्रतिशत क्षेत्र वन एवं वृक्ष आवरण के अंतर्गत होना चाहिए। करीब 24 करोड़ आबादी वाले प्रदेश में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए हरित क्षेत्र बढ़ाना समय की आवश्यकता बताया गया है।
अधिवक्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि बीते वर्षों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण के दावे किए गए, लेकिन रखरखाव, सिंचाई और सुरक्षा के अभाव में बड़ी संख्या में पौधे नष्ट हो गए। उन्होंने मांग की कि केवल पौधे लगाने तक सीमित रहने के बजाय उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
ज्ञापन में लोनी तहसील और गाजियाबाद जिले में बढ़ते प्रदूषण, तेज शहरीकरण और घटते हरित क्षेत्र को चिंता का विषय बताते हुए लोनी को विशेष हरित विकास योजना में शामिल करने की मांग की गई। इसके तहत सार्वजनिक भूमि, ग्राम समाज की जमीन, तालाबों के आसपास, सड़क किनारों, ग्रीन बेल्ट, नहर पटरी, श्मशान भूमि, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण का सुझाव दिया गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार ने प्रत्येक पौधे की जियो-टैगिंग और क्यूआर कोड आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने जिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, उपजिलाधिकारी, नगर निकायों और ग्राम पंचायतों की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता बताई। साथ ही हर तीन माह में पौधों का भौतिक सत्यापन कर सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करने और सूख चुके पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाने का प्रस्ताव रखा गया।
ज्ञापन में बार एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों को वृक्षारोपण एवं पौध संरक्षण अभियान से जोड़ने की भी अपील की गई। पौधों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग भी की गई है।
मुख्यमंत्री से मानसून-2026 के लिए वैज्ञानिक आधार पर क्षेत्रवार वृक्षारोपण लक्ष्य तय करने, उच्च स्तरीय निगरानी समिति गठित करने और प्रदेश में वन एवं हरित आवरण की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन कर प्रभावी कार्ययोजना लागू करने की मांग की गई है।
सुरेंद्र कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और पौध संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो सकता है।
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