अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार में हुआ शब्बद कीर्तन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
संभल : गुरुद्वारा के सेवादार कुलबीर सिंह ने बताया कि गुरु अर्जन देव जी ने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
उन्होंने कठिन यातनाएं सहन कीं, लेकिन अपने सिद्धांतों और धर्म के मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए। उनकी शहादत को याद करते हुए हर गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार, सम्भल में सिख धर्म के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी पर्व श्रद्धा, सेवा और भाईचारे के वातावरण में मनाया गया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लेकर गुरु साहिब को नमन किया।
गुरुद्वारा के सेवादार कुलबीर सिंह ने बताया कि गुरु अर्जन देव जी ने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कठिन यातनाएं सहन कीं, लेकिन अपने सिद्धांतों और धर्म के मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए।
उनकी शहादत को याद करते हुए हर वर्ष शहीदी पर्व मनाया जाता है। इस अवसर पर राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी और शरबत की छबील लगाई गई, वहीं गुरुद्वारा साहिब में लंगर सेवा का भी आयोजन किया गया।
संगत ने बढ़-चढ़कर सेवा कार्यों में हिस्सा लिया और गुरु साहिब की शिक्षाओं को स्मरण किया। कुलबीर सिंह ने बताया कि इस गुरुपर्व की तैयारियां पिछले एक महीने से चल रही थीं।
महिला सुखमनी सोसाइटी द्वारा प्रतिदिन शाम को सुखमनी साहिब के पाठ आयोजित किए गए, जिनके दौरान शरबत, प्रसाद और अन्य सेवा कार्य किए गए। कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने मिल-जुलकर सेवा और श्रद्धा का परिचय दिया, जिससे आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश समाज में प्रसारित हुआ। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार की ओर से समस्त संगत को गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।




