
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। भडी की यमुना नदी पर सुरक्षा की दृष्टि से निर्माणाधीन ठोकरो पर मानको की अनदेखी कर कार्य का ग्रामीणों ने विरोध किया और उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर जिलाधिकारी शामली व सीएम पोर्टल पर मामले की शिकायत की गई। आरोप है कि शुरूआती समय मे तो सही प्रकार से कार्य किया गया ताकि विरोध ना हो लेकिन अब पत्थरों को मिटटी के साथ मिलकर भरा जा रहा है ताकि बरसात से सब बह जाये। ग्रामीणों ने तत्काल जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि ठोकरों के आधार भाग और नदी की सतह पर बड़े एवं मानक अनुरूप पत्थरों के बजाय छोटे पत्थरों का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा पत्थरों के बीच मिट्टी डाले जाने की भी बात कही गई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पुरानी ठोकर को उखाड़कर निकाले गए पत्थरों का नए निर्माण कार्य में उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में यमुना नदी का जलस्तर और बहाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो ठोकरों के क्षतिग्रस्त होने या बह जाने की आशंका बनी रहेगी। इससे नदी कटान बढ़ सकता है और आसपास की कृषि भूमि तथा आबादी को नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो सकता है।अधिवक्ता कामिल राणा ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। जबकि जिलाधिकारी शामली को भी व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेजी गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपेगा और स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग करेगा। शिकायतकर्ताओं में एडवोकेट कामिल राणा, तारिफ, वाक़त, इकराम, हफीज, इन्साद, सदाकत, फरमान, जहांगीर, शराफत समेत अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
लापरवाही के आरोप,अधिकारी हठधर्मिता पर अडे
चौसाना। ठोकरो के निर्माण के समय से ठोकर मे मानक अनुरूप निर्माण का विरोध होता रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की हठधर्मिता व जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण ठोंकरो मे सरकारी पैसे के दुरूपयों की जांच नही हो सकी।उधर, ड्रेनेज विभाग के जूनियर इंजीनियर रामकुमार ने बताया कि ठोकरों का निर्माण कार्य विभागीय मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पत्थरों के ऊपर दिखाई दे रही मिट्टी निर्माण का हिस्सा नहीं है, बल्कि सामग्री से भरे वाहनों को निर्माण स्थल तक पहुंचाने के लिए अस्थायी रास्ता बनाने के उद्देश्य से डाली गई है। विभागीय अधिकारियों की निगरानी में कार्य कराया जा रहा है और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

