
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। पांथुपूरा में एक 30 वर्षीय युवक को खेत मे काम करने के दौरान सीने मे दर्द की शिकायत हुई। परिजन आनन फानन मे चौसाना के चिकित्सको से इलाज कराने को लेकर पहुॅचें लेकिन तब तक युवक की मौत हो गई। चिकित्सको का कहना है कि प्रथमदृष्टया हार्टअटैक से युवक की मौत हुई है। चौसाना क्षैत्र मे पिछले 15 दिनो के भीतर यह दूसरा मामले सामने आया है जहॉ 20-30 वर्ष के युवक की सीने मे दर्द की शिकायत के बाद मौत हो गई।
चौसाना की ग्राम पंचायत पांथुपूरा में एक 30 वर्षीय युवक रविवार को सुबह के समय अपने खेत मे काम कर रहा था। उसी दौरान युवक को सीने मे दर्द की शिकायत हुई और युवक असहनीय दर्द के कारण जमीन पर जा गिरा। परिजनो ने युवक को किसी तरह से उठाकर बाइक पर बैठाकर चौसाना लेकर आये। समय व साधन के अभाव मे पीडित युवक को चिकित्सकीय उपचार नही मिल सका,जिस कारण युवक की मौत हो गई। युवक की मौत से परिजनो मे कोहराम मच गया। चिकित्सको का कहना है कि हार्टअटैक से युवक की मौत हुई है। बता दे कि विगत 6 जून को भी कस्बा निवासी नवनीत सैनी की सुबह के समय मॉर्निंग वॉक के दौरान सीने मे दर्द की शिकायत हुई थी। जब तक परिजन इलाज को अस्पताल लेकर गए तब तक युवक की मौत हो गई थी। मृतक युवक अपने माता पिता की इकलौती संतान थी। लगातार हार्टअटैक से युवाओं की मौतो से ग्रामीण आंचल मे रहने वाले परिवारो को दहशत मे लाकर खडा कर दिया है। वही ठंडे बस्ते मे पडी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से भी लोगो को सहायता नही मिल पा रही है।
पीएचसी पर नही है आपातकालीन स्वास्थ्य सेवायें
चौसाना। चौसाना चौकी क्षैत्र में कुल 35 गांव-मजरे लगते है। इसके अतिरिक्त अन्य गांव सहारनपुर व ऊन क्षैत्र के भी लगते है। विस्तृत क्षैत्र होने के बाद भी यहॉ अव्वल दर्जे की स्वास्थ्य सेवाओं को अभाव हैंे। चौसाना चौकी क्षैत्र मे प्रत्येक महीने मे 10 हादसे होते है और कई मे लोग अपनी जान भी गंवा देते है। लेकिन ना तो कभी कोई हादसो के बाद पीएचसी पहुॅचता,क्योकि यहॉ सेवायें है ही नही औ ना ही डयूटी चिकित्सक उपलब्ध रहते है। चौसाना मे कोई नीजि असपताल भी नही हैे। हादसे व हार्ड अटैक जैसी बीमारी से पिछले छह महीनो मे एक दर्जन मौतें हो चुकी है। लेकिन यहॉ की स्वास्थ्य सेवाए ठंडे बस्ते मे पडी है। ना तो कोई आवाज उठा पाता है और ना ही कोई भी जिम्मेदार अधिकारी यहॉ की समस्याओं पर अपना ध्यान लगाता है।

