झुंझुनू
दिल्ली संसद घेराव आंदोलन में पुलिस के द्वारा चलाए गए आंसू गैस गोलों एवं लाठीचार्ज के विरोध में चौफूल्या में धरना प्रदर्शन
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का फूँका पुतला इस्तीफे की मांग, जमकर लगे नारे

पुलिस के गोलों ओर लाठी डंडो से डरने वाले नहीं शिक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा…..सुरेश मीणा किशोरपुरा
नीट स्टूडेंट प्रदीप माहिच को मिले इंसाफ
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं चंवरा। दिल्ली के जंतर मंतर से संसद भवन घेराव में निहत्थे लोगों पर पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज करने ओर अंधाधुन आंसू गैस गोलों की बौछार करने के विरोध में बुधवार को चौफूल्या स्टैंड पर आस पास के गांवों के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्टी के द्वारा आयोजित देश व्यापी आंदोलन के तहत पार्टी के नेता एडवोकेट केके सैनी के नेतृत्व में देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया। धरने में गत दिनों आदिवासी नेता सुरेश मीणा किशोरपुरा के साथ दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए घटना क्रम की कड़ी निंदा की। केके सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार जनविरोधी है इसके राज में सभी परेशान है। कानून व्यवस्था खत्म होने के कगार पर है। इसके राज में 53बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी है। नीट स्टूडेंट प्रदीप माहिच जैसे 20 विद्यार्थियों की मौत की जिम्मेदार भी सरकार है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। इस दौरान आदिवासी नेता सुरेश मीणा किशोरपुरा को भी आमंत्रित किया गया किशोरपुरा ने कहा कि हम लोग लाठी ओर गोलों से डरने वाले नहीं अंतिम सांस तक अन्याय के खिलाफ लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि 15अप्रैल को गुढ़ा बावनी के प्रदीप मेघवाल नीट स्टूडेंट पेपर लीक की घटना से खत्म हुए थे उस दिन से लेकर आज तक हमने सरकार के सामने घुटने नहीं टेके अभी तक संघर्ष कर रहे है लड़ रहे है।पहले गांव गांव संघर्ष किया इसके बाद सीकर जयपुर ओर अब राजधानी दिल्ली में लड़ रहे है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदीप के परिजनों को मुवावजा नहीं मिलेगा ,शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया जाएगा। ओर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी और नीट पेपर लीक पर कड़ा कानून नहीं बनेगा तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने तक रोज आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर केके सैनी, रामवतार सैनी, राजेश मेघवाल, किशोर कुमार सैनी, मोहनलाल किशोरपुरा सरपंच,महेश सैनी, सांवरमल खटाना, गिरधारी रावत,भागु राम,रतनलाल ,प्रभाती,अनिल,अमित,भुवनेश, हर्षा राम,कुकु मेघवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।



