धनबाद
कतरासगढ़ की जर्जर सड़क और जलभराव से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों एवं आम नागरिकों की जान पर खतरा –
आखिर जिम्मेदार कौन? पूछता है वार्ड 3 के जनता

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
तरासगढ़ (धनबाद): वार्ड संख्या 3 के स्थानीय निवासियों ने सड़क एवं नाली निर्माण कार्य में हो रही देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कई बार संबंधित विभागों एवं जनप्रतिनिधियों को शिकायत देने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग पाँच वर्ष पहले एक पुराने भवन के ध्वस्त होने के बाद इस मार्ग की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। उनका कहना है कि तब से सड़क पर आवागमन कठिन हो गया है तथा बरसात के दौरान जलभराव और भी बढ़ जाता है।
निवासियों का कहना है कि उन्होंने वार्ड संख्या 3 की पार्षद रागिनी विनायक गुप्ता, धनबाद नगर निगम (डीएमसी), डीएमसी के सीईओ आशीष गंगवार, उपायुक्त (डीसी) धनबाद तथा मुख्यमंत्री, झारखंड को भी इस संबंध में कई बार शिकायत एवं आवेदन दिए हैं। उनका आरोप है कि इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई या स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग तथा आम नागरिक आवागमन करते हैं। बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव, टूटी सड़क और जाम नालियों के कारण रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। लोगों का कहना है कि यदि किसी छात्र, बुजुर्ग या आम नागरिक के साथ कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
निवासियों ने धनबाद नगर निगम एवं संबंधित विभागों से तत्काल स्थल निरीक्षण कर सड़क और नाली निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


