
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। सरस्वती स्व सहायता समूह की दर्जनों महिलाओं ने समूह की जमा राशि में कथित गड़बड़ी और धोखाधड़ी की शिकायत एसपी से की है। महिलाओं का आरोप है कि समूह की ही एक सदस्य ने पिछले छह वर्षों में जमा हुई उनकी मेहनत की कमाई का निजी उपयोग कर लिया और अब शेष राशि लौटाने से इनकार कर रही है। पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन से न्याय की मांग की है।
शिकायत के अनुसार शारदा गुबरैले समूह का लेखा-जोखा और जमा राशि संभालती थीं। समूह की अध्यक्ष द्वारका भुजाड़े, सचिव इंदिरा बाई बचले तथा अन्य सदस्यों ने बताया कि समूह की प्रत्येक महिला पिछले छह वर्षों से प्रतिमाह 2 हजार रुपए जमा कर रही थी। जब समूह को राशि की आवश्यकता पड़ी तो शारदा गुबरैले ने भुगतान में टालमटोल शुरू कर दी। महिलाओं का आरोप है कि बाद में उन्होंने बताया कि समूह की राशि का उपयोग निजी कार्यों में कर लिया गया है तथा कुछ राशि ब्याज पर उधार भी दी गई है।
महिलाओं के अनुसार, हिसाब-किताब के मिलान के बाद 2,85,034 रुपए की देनदारी सामने आई थी। इसमें से 1,40,000 रुपए वापस कर दिए गए, जबकि शेष राशि और ब्याज अब तक नहीं लौटाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिलाओं को गुमराह करने के लिए कथित रूप से फर्जी रसीदें तैयार की गईं। ममता सराटकर, कासी बाई जावलकर, परमिला बाई और सुरेखा बाई सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि वे कई बार गंज थाना पहुंचीं, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने शेष करीब दो लाख रुपए की राशि वापस दिलाने तथा दोषी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।



