हजारीबाग

उपायुक्त की अध्यक्षता में भूमि संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक।

जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर,नवंबर तक मिल जाएगी तालाबों के गहरीकरण एवं पर्कोलेशन टैंक की प्रशासनिक स्वीकृति।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हज़ारीबाग़ समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में भूमि संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित योजनाओं से संबंधित समिति प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली गई।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित 55 तालाबों के गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। भूमि संरक्षण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि निर्धारित 55 तालाबों में से 47 तालाबों के गहरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उपायुक्त ने शेष कार्यों को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर माह तक सभी तालाबों के गहरीकरण एवं पर्कोलेशन टैंक निर्माण से संबंधित योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। साथ ही योजनाओं का वेरिफिकेशन कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करते हुए जनवरी माह से कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया।
जलनिधि योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी : उपायुक्त। उपायुक्त ने कहा कि जलनिधि योजना के अंतर्गत पर्कोलेशन टैंक निर्माण की योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने जिले के पात्र कृषकों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की। योजना के तहत कृषक समूहों को पर्कोलेशन टैंक निर्माण के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अनुदान का लाभ मिलेगा। संलग्न योजना दस्तावेज के अनुसार पर्कोलेशन टैंक योजना लघु एवं सीमांत कृषक समूहों के लिए लागू है तथा पात्रता के लिए संबंधित क्लस्टर में न्यूनतम 10 एकड़ भूमि का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पर्कोलेशन टैंक के माध्यम से जल संरक्षण एवं सिंचाई की सुविधा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसान मत्स्य पालन, दलहन की खेती, सिंचाई तथा तालाब में बत्तख पालन जैसी गतिविधियों से भी लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पात्र कृषकों को इससे जोड़ने का निर्देश दिया।
योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं की समीक्षा के क्रम में पर्कोलेशन टैंक निर्माण, तालाबों का गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार तथा डीप बोरिंग की प्रगति पर चर्चा की गई। जलनिधि योजना के अंतर्गत डीप बोरिंग के लिए 6 इंच व्यास की डीप बोरिंग, 1.5 एचपी सबमर्सिबल पंप एवं आवश्यक सामग्री तथा स्थापना का प्रावधान है।उपायुक्त ने सभी योजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने का निर्देश दिया। कार्यों की गति बढ़ाने के लिए उन्होंने कनीय अभियंताओं की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया, ताकि योजनाओं की तकनीकी जांच, सत्यापन एवं क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो। बैठक में भूमि संरक्षण विभाग के संबंधित पदाधिकारी एवं कनीय अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button