बेतुल
बैतूल पांच पंचायतें एंबुलेंस की मोहताज, 4 साल से पुलिया भी अधूरी
खोमई के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में उठाई आवाज, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। भैंसदेही विकासखंड अंतर्गत आदिवासी बहुल खोमई क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं और आवागमन की समस्या अब ग्रामीणों के लिए परेशानी से बढ़कर जान का खतरा बन गई है। पांच पंचायतों के लिए एंबुलेंस सुविधा और अंडना नदी पर वर्ष 2022 से अटके पुलिया निर्माण को लेकर ग्राम पंचायत खोमई के सरपंच मंगेश सरियाम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि एंबुलेंस के अभाव में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा पाता, वहीं बारिश में अंडना नदी पार करना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है। ग्रामीणों ने पांच पंचायतों के लिए एक आपातकालीन एंबुलेंस स्वीकृत करने तथा अंडना नदी पर वर्ष 2022 से लंबित पुलिया निर्माण कार्य को नवीन स्वीकृति देकर शुरू कराने का आग्रह किया है।
सरपंच मंगेश सरियाम ने बताया कि खोमई सहित आसपास का क्षेत्र आदिवासी बहुल है और भैंसदेही मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में क्षेत्र में एंबुलेंस की सुविधा नहीं होने से गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में काफी समय लग जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। निजी वाहनों से मरीजों को अस्पताल ले जाना गरीब परिवारों के लिए काफी महंगा पड़ता है। इसलिए पांच पंचायतों के लिए कम से कम एक एंबुलेंस की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने दूसरी बड़ी समस्या अंडना नदी पर लंबित पुलिया निर्माण को लेकर उठाई है। ज्ञापन में बताया गया है कि पुलिया का निर्माण कार्य वर्ष 2022 से लंबित है। पुलिया नहीं होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को इलाज, मजदूरी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए महाराष्ट्र सीमा के सिरजगांव जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बारिश के मौसम में अंडना नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से यह रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि नदी के तेज बहाव के कारण अब तक कई लोग और वाहन बह चुके हैं। इसके बावजूद पुलिया निर्माण का काम लंबित होने से ग्रामीणों को हर बारिश में जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मामले में तत्काल पहल करते हुए पुलिया निर्माण को नवीन स्वीकृति देने और कार्य शुरू कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सरपंच मंगेश सरियाम के साथ रामदीन इवने, दिनेश, जफर, सुनील धुर्वे, सुभाष कुमरे और रतन कवड़े सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।



