
बच्चों को दो किलोमीटर जंगल के रास्ते पैदल भेजने का आरोप, स्कूल प्रबंधन ने नशे की बात नकारी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
चौसाना : कमालपुर स्थित स्कॉलर प्राइड स्कूल में मंगलवार को बच्चों के अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। अभिभावकों ने स्कूल वाहन चालक पर नशे की हालत में गाड़ी चलाने और बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वाहन धान के खेत में धंसने के बाद बच्चों को दूसरी गाड़ी से घर भेजने के बजाय पैदल ही भेज दिया गया। करीब दो किलोमीटर तक बच्चे जंगल के कच्चे रास्ते से पैदल अपने घर पहुंचे। घटना को लेकर अभिभावकों में रोष है।
सोमवार को स्कूल की छुट्टी के बाद करीब एक बजे चालक खोडसमा के खेतों में घर बनाकर रह रहे सरदार समाज के बच्चों को वाहन से उनके घर छोड़ने जा रहा था। आरोप है कि सरदार खजान के डेरे के बच्चों को उतारने के बाद चालक कच्चे रास्ते पर वाहन लेकर आगे बढ़ा। कुछ दूरी पर पहुंचते ही वाहन धान के खेत में धंस गया। अभिभावकों का आरोप है कि वाहन फंसने के बाद बच्चों के लिए दूसरी गाड़ी की व्यवस्था करने के बजाय उन्हें वहीं उतार दिया गया। बच्चे करीब दो किलोमीटर जंगल के रास्ते पैदल चलकर घर पहुंचे।
मंगलवार दोपहर मलकीत सिंह, बाबा मनजीत सिंह, प्रकट सिंह, साहब सिंह, प्रिंस पाल सिंह, बाबा मलकीत सिंह, बाबा बलविंदर सिंह, सिंगर सिंह और गुरजेंट सिंह समेत कई अभिभावक स्कूल पहुंचे और हंगामा किया। उन्होंने चालक पर नशे में वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
स्कूल मैनेजर अमित निर्वाल ने बताया कि कच्चा रास्ता होने के कारण वाहन धंस गया था। दूसरी गाड़ी की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन तब तक अभिभावक अपने बच्चों को लेकर घर चले गए। उन्होंने चालक के नशे में होने के आरोप को गलत बताया।
अभावकों का बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
गाड़ी फंसी तो व्यवस्था भी फंसी, बच्चे पैदल निकले
वाहन के धान के खेत में धंसने के बाद बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए तत्काल दूसरी गाड़ी की व्यवस्था न होना स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अभिभावकों का कहना है कि जंगल और कच्चे रास्ते से बच्चों को करीब दो किलोमीटर पैदल भेजना गंभीर लापरवाही है। रास्ते में बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती थी।




