ललितपुर

गंगा की सहायक नदियों में होगी फ्लड प्लेन जोनिंग

वैज्ञानिक तरीके से चिन्हित होंगे बाढ़ क्षेत्र

सक्रिय बाढ़ क्षेत्र, नियामक क्षेत्र और चेतावनी क्षेत्र का किया जाएगा सीमांकन
11 सितंबर को प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के किनारे बाढ़ से बचाव और नदी तंत्र के संरक्षण को लेकर फ्लड प्लेन जोनिंग की प्रक्रिया लागू की जाएगी। इसके तहत सक्रिय बाढ़ क्षेत्र, नियामक क्षेत्र एवं चेतावनी क्षेत्र का वैज्ञानिक तरीके से सीमांकन किया जाएगा। यह जानकारी जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला गंगा समिति, पर्यावरण समिति, वृक्षारोपण समिति एवं जिला आर्द्रभूमि समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। बैठक का संचालन डीएफओ नवीन प्रकाश शाक्य ने किया। जिलाधिकारी ने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय से प्राप्त निर्देशों के क्रम में गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के किनारे फ्लड प्लेन जोनिंग लागू करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसके अंतर्गत बाढ़ संभावित क्षेत्रों को वैज्ञानिक आधार पर चिन्हित किया जाएगा। सक्रिय बाढ़ क्षेत्र, नियामक क्षेत्र और चेतावनी क्षेत्र का निर्धारण नदी के बाढ़ व्यवहार, बाढ़ की आवृत्ति तथा उपलब्ध वैज्ञानिक एवं हाइड्रोलॉजिकल आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। इससे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नियोजन एवं निर्माण गतिविधियों को व्यवस्थित करने तथा बाढ़ के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। बैठक में जनपद में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि 11 सितंबर को जिला गंगा समिति के तत्वावधान में कृषि विभाग के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व एवं इसके लाभों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही जल एवं पर्यावरण संरक्षण में प्राकृतिक खेती की भूमिका के प्रति किसानों को जागरूक किया जाएगा। जिला आर्द्रभूमि समिति की बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर स्थित आर्द्रभूमियों एवं तालाबों के संरक्षण को लेकर भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में गठित ग्राम आर्द्रभूमि समितियों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में स्थित आर्द्रभूमियों एवं तालाबों के संरक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। इस कार्ययोजना को ग्राम पंचायत विकास योजना में सम्मिलित किया जाए, ताकि जलस्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कराया जा सके। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता, जलस्रोतों के संरक्षण तथा संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त श्रम रोजगार रमेश यादव, डीपीआरओ कुंवर सिंह, सीएमओ डा.वीरेंद्र सिंह, डीआईओएस ओम प्रकाश, ईओ नगर पालिका दिनेश विश्वकर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुकेश कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) संजीव मौर्य, उप कृषि निदेशक अख्तर हुसैन, बुंदेलखंड सेवा संस्थान के सचिव बासुदेव सिंह, परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति केतन दुबे, जेआरएफ विवेक कुशवाहा, अजय पाखरे सहित संबंधित अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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