28वें गणपति महोत्सव की तैयारियां चरम पर, 14 सितंबर को उमड़ेगा आस्था का जनसैलाब
Preparations for the 28th Ganpati Mahotsav are in full swing; a massive sea of devotees will converge on September 14.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर आगामी 14 से 17 सितंबर 2026 तक पाकुड़ रेलवे मैदान में आयोजित होने वाले 28वें गणपति महोत्सव को लेकर शहर और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह व भक्ति का माहौल है। सार्वजनिक गणेश पूजा समिति, रेलवे मैदान की ओर से महोत्सव को भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पूजा पंडाल के निर्माण, सजावट, विद्युत व्यवस्था और रंग-बिरंगी रोशनी समेत अन्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में समिति के सदस्य और युवा दिन-रात जुटे हुए हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए समिति की ओर से साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की तैयारी की जा रही है। पाकुड़ शहर के अलावा आसपास के गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के रेलवे मैदान पहुंचने की उम्मीद है। गणपति महोत्सव को लेकर बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। युवा पंडाल निर्माण, सजावट, साफ-सफाई और विद्युत व्यवस्था में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक और भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित करने की भी तैयारी है। शाम के समय रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता पूजा पंडाल और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। गणेश पूजा के दौरान रेलवे मैदान सहित पूरा पाकुड़ नगर भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है। पंडाल से होने वाले मंत्रोच्चार, आरती और भक्ति गीतों की गूंज से वातावरण आध्यात्मिक नजर आता है। वहीं, गणेश चतुर्थी को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है। पूजा सामग्री, सजावटी सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी को लेकर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। सार्वजनिक गणेश पूजा समिति के संस्थापक हिसाबी राय ने कहा कि रेलवे मैदान में विगत 27 वर्षों से भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना लगातार आयोजित की जा रही है। यह पाकुड़वासियों के लिए आस्था और गौरव का विषय है कि इतने लंबे समय से धार्मिक परंपरा निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों में भी गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की परंपरा को यथासंभव बनाए रखा गया। समिति के राणा शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2026 में 28वें गणपति महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गणपति महोत्सव अब केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव का भी प्रतीक बन चुका है। उन्होंने नगरवासियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में शामिल होकर भगवान गणपति का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा आयोजन को सफल बनाने की अपील की। 14 सितंबर से रेलवे मैदान एक बार फिर “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से गूंज उठेगा और पूरा पाकुड़ नगर भक्ति एवं आस्था के रंग में सराबोर नजर आयेगा।



