मथुरा

बरसाना में राधा दर्शन की चाह में जोगन बन आए श्याम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। बरसाना में राधा के दर्शन की ऐसी उत्कंठा कि नंदलाल को अपना श्याम रूप तक छिपाना पड़ गया। घूंघट ओढ़े जोगन बनकर जब कृष्ण विलासगढ़ की लीला स्थली पर पहुंचे तो किसी ने नहीं जाना कि भाग्य बताने वाली यह जोगिन स्वयं राधा के प्रियतम हैं। हाथ में भाग्य की रेखाएं देखने का बहाना और मन में लाडली के दर्शन की अभिलाषा लिए जोगन राधारानी के सामने जा पहुंची। हथेली की रेखाओं में नंदकिशोर से विवाह का संकेत देते ही सखियों को जोगन के स्वर और भाव में कुछ अपना-सा लगा। संदेह बढ़ा तो वेश का आवरण हटा तो सामने वही श्यामसुंदर थे। बूढ़ी लीला महोत्सव में साकार हुए इस प्रसंग ने विलासगढ़ को देर तक राधे-राधे के जयघोष से गुंजायमान रखा। सोमवार को बूढ़ी लीला महोत्सव के तहत श्रीकृष्ण की बाल लीला स्थली और निम्बार्की संत हंसदास व उनके शिष्य वंशीदास की साधना स्थली विलासगढ़ पर रासविलास और जोगनिया लीला का मंचन किया गया। प्राचीन रासमंडल चबूतरे पर राधा-कृष्ण स्वरूपों ने मयूर लीला और युगल नृत्य प्रस्तुत किया। रासमंडली के कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति पर श्रद्धालु देर तक तालियां बजाते रहे। इसके बाद संत हंसदास द्वारा रचित प्राचीन जोगनिया लीला का मंचन हुआ। इस मौके पर श्रद्धालु राधा-कृष्ण के प्रेम और माधुर्य भाव में डूबे नजर आए। इसके बाद राधा-कृष्ण स्वरूपों को झूला झुलाया गया। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर स्वयं को कृतार्थ माना। विलासगढ़ का ब्रज की प्राचीन लीला स्थली के रूप में विशेष महत्व है। संत हंसदास और उनके शिष्य वंशीदास की साधना से जुड़ा यह स्थल बूढ़ी लीला महोत्सव की प्राचीन परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है। बूढ़ी लीला महोत्सव में मंगलवार दोपहर सांकरी खोर में चोटी बंधन लीला का मंचन होगा। लीला के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचेंगे।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button