असम

असम सरकार ने दुर्गा पूजा से पहले ओरुणोदोई सहायता बढ़ाकर 1,500 किया 

राशन पर राहत और ATCL मजदूरों को बोनस घोषित। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
  असम : मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने गुरुवार को कैबिनेट की बैठक के बाद दुर्गा पूजा से पहले आम जनता और सरकारी कर्मचारियों के लिए कई राहत निर्णयों की घोषणा की। बैठक में मंजूर किए गए फैसलों के तहत राज्य के लगभग 40 लाख ओरुणोदोई लाभार्थियों को अक्टूबर माह के लिए मासिक नकद सहायता बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी गई है, जो पहले 1,250 रुपये थी। मुख्यमंत्री ने इसे ओरुणोदोई योजना के तहत “विशेष पूजा ऑफर” बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों में त्योहार की खुशियाँ बढ़ाना है। कैबिनेट ने नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के राशनकार्ड धारकों के लिए मसूर दाल और चीनी की सब्सिडी दरों को भी संशोधित किया। दोनों वस्तुएँ अब 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराई जाएंगी — यह दर पहले 105 रुपये थी। सरकार ने बताया कि चीनी की बाजार कीमतों में गिरावट आने के मद्देनजर यह राहत दी जा रही है ताकि राशनकार्डधारक सस्ती दर पर आवश्यक वस्तुएँ खरीद सकें। एक और महत्वपूर्ण घोषणा असम टी कंपनी लिमिटेड (ATCL) के 259 चाय बागानों के मजदूरों के लिए की गई। सरकार ने निर्णय लिया कि इन मजदूरों को दुर्गा पूजा के अवसर पर 20 प्रतिशत का विशेष पूजा बोनस दिया जाएगा। इससे चाय बागानों में काम करने वाले परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है, खासकर त्योहार के खर्चों को देखते हुए। सरकारी कर्मचारियों के हित में भी एक घोषणा की गई है — 17 अक्टूबर को एक अतिरिक्त सार्वजनिक अवकाश दिया गया है। इस कदम के बाद दुर्गा पूजा के मौके पर कर्मचारियों को रविवार सहित कुल पाँच दिनों का ब्रेक मिलेगा, जिससे वे पारिवारिक और धार्मिक आयोजन आराम से मनाने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ये निर्णय “विकसित असम” के विजन और राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को संशोधित मासिक राशि और किफायती राशन की आपूर्ति जल्द ही सुनिश्चित कर दी जाएगी और संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश दे दिए गए हैं ताकि वितरण में किसी भी तरह की बाधा न आए। सरकार ने आश्वासन दिया कि इन पहलों से कमजोर वर्गों तथा सरकारी व चाय बगानों के कर्मचारियों के बीच त्योहार के समय आर्थिक राहत पहुंचेगी और सामाजिक सरोकारों के तहत यह कदम सतत कल्याण प्रयासों का भाग है।
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