गंदे पानी ने छीना सुकून, घर बेचने को मजबूर हुए ग्रामीण
पावटीकलां की एक बस्ती के दोनों ओर सड़कें ऊंची, बीच में घरों के सामने भरा गंदा पानी, ‘मकान बिकाऊ है’ लिखवाया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। गांव पावटीकलां की एक बस्ती में जलभराव अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत से बढ़कर पलायन की वजह बनता नजर आ रहा है। वर्षों से बस्ती में जमा गंदे पानी की निकासी नहीं होने से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए करीब एक दर्जन मकानों पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिखवा दिया है। उनका कहना है कि बस्ती के दोनों ओर सड़कें ऊंची कर दी गई, जबकि उनके मकान बीच में निचले हिस्से में रह गए। ग्राम प्रधान पर हठधर्मिता और पक्षपात के आरोप लगाए गए हैं।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव पावटीकलां में मोहसिन, नसीम, आवेश आदि ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी बस्ती के दोनों ओर रास्ता ऊंचा किया गया है, लेकिन बस्ती के बीच की जमीन नीचे रह गई। ऐसे में पानी निकलने के बजाय आबादी के बीच ही जमा रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले एक चैनल के जरिए पानी की निकासी होती थी, लेकिन उसे बंद कर दिया गया। इसके बाद पानी का बहाव उनकी बस्ती की ओर हो गया है। जलभराव का सबसे ज्यादा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। कई बार बच्चे और अन्य लोग फिसलकर पानी में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। लंबे समय से जमा गंदे पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के सामने समस्या रखी, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखकर अपना दर्द जाहिर कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घर छोड़ना उनकी इच्छा नहीं, बल्कि मजबूरी बनती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कथित रूप से ग्राम प्रधान ने उन्हें यह कह दिया कि वोट नहीं दी और हठधर्मिता दिखाते हुए पक्षपात किया जा रहा है। हालांकि, प्रधान का पक्ष सामने नहीं आ सका है।
निकासी बंद होने से गहराई समस्या, जनप्रतिनिधियों से भी मायूसी
ग्रामीणों ने बताया कि पहले बस्ती में चैनल से पानी की निकासी हो जाती थी, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। इससे पानी की निकासी का रास्ता रुक गया और समस्या लगातार गंभीर होती चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों के सामने भी समस्या रखी, लेकिन हर बार गुहार लगाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव से निजात दिलाने तथा स्थायी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
क्या बोले बीडीओ?
बीडीओ रोहित शर्मा ने बताया कि पावटीकलां में जलभराव का मामला मेरे संज्ञान में नहीं हैं। मौके पर टीम भेजी जाएगी और समस्या का समाधान कराया जाएगा।



