वैदिक यज्ञ और प्रवचन से दिया वैदिक जीवन पद्धति अपनाने का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। शहर के आर्य समाज मंदिर में चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को वैदिक यज्ञ, भजन और प्रवचन का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय वैदिक विद्वान सच्चिदानंद महाराज ने वैदिक सनातन धर्म के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को ईश्वर भक्ति और वैदिक जीवन पद्धति अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः वैदिक यज्ञ से हुई। यज्ञ में महिला समाज यजमान रहा, जबकि मंत्राणी पूनम आर्या ने ब्रह्मा की भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने यज्ञ वेदी में आहुति देकर सुख-शांति की कामना की।
इसके बाद आयोजित वैदिक सत्संग में आर्य भजन उपदेशिका श्वेता आर्या ने भजनों के माध्यम से वेद वाणी का प्रचार किया। प्रवचन में सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि वैदिक सनातन धर्म में ईश्वर, जीव और प्रकृति के स्वरूप को समझना आवश्यक है। ईश्वर सर्वज्ञ और चेतन है, जीवात्मा चेतन होते हुए अल्पज्ञ है, जबकि प्रकृति जड़ है।
उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद मनुष्य का शरीर पंचतत्वों में विलीन हो जाता है। अनुकूल परिस्थितियां मनुष्य के भीतर शांति बढ़ाती हैं, जबकि प्रतिकूल परिस्थितियां मानसिक अशांति का कारण बनती हैं। परमात्मा की भक्ति से मनुष्य का आत्मिक और आंतरिक बल बढ़ता है।
इस अवसर पर राजपाल आर्य, दिनेश आर्य, गिरधारी लाल आर्य, पूरण चंद आर्य, यशपाल आर्य, राजेश आर्य, अशोक आर्य और सुंदर लाल आर्य मौजूद रहे।




