बेतुल
बैतूल गांधी-शास्त्री जयंती पर स्वच्छता और जल संरक्षण का लिया संकल्प
सार्वजनिक विकास मंच की पहल पर सरदार गंजन सिंह चौपाल में 16वीं बार हुआ आयोजन

शाहपुर सहित घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के तीनों ब्लॉकों से जुटे नागरिक
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
शाहपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गैर राजनीतिक संगठन सार्वजनिक विकास मंच शाहपुर द्वारा सरदार गंजन सिंह चौपाल, पतौवापुरा, नगर पंचायत क्षेत्र शाहपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंच द्वारा लगातार 16वें वर्ष आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में संगठन के रामअवतार वर्मा, अनिल जैन एवं ओमप्रकाश गुप्ता सहित घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के तीनों ब्लॉकों से बड़ी संख्या में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, गणमान्य नागरिकों एवं ग्रामीणों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने गांधीजी एवं शास्त्रीजी के विचारों और बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वच्छता, जल संरक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से क्षेत्र के विकास में योगदान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
– 2010 से लगातार जारी है आयोजन
सार्वजनिक विकास मंच द्वारा वर्ष 2010 से लगातार गांधी-शास्त्री जयंती का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम को मंच की निरंतर सामाजिक गतिविधियों की 16वीं कड़ी बताया गया। आयोजन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों से जुड़े लोगों ने भी सहभागिता की और महात्मा गांधी के विचारों तथा स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर विचार रखे।
– घर से शुरू करेंगे स्वच्छता अभियान
सभा में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि स्वच्छता को किसी एक दिन तक सीमित न रखते हुए इसकी शुरुआत अपने घर और आसपास के क्षेत्र से करेंगे। इसके साथ ही जल संरक्षण को लेकर भी जनजागरूकता बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों के संरक्षण के लिए अपनी क्षमता के अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में नगर के अध्यक्ष, गणमान्य नागरिक, पत्रकार, ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों सहित सार्वजनिक विकास मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। मंच की ओर से संयोजक ने सभी सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए गांधीजी और शास्त्रीजी के आदर्शों को सामाजिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।



