बैतूल ग्राम सभाओं ने बाल विवाह खत्म करने का लिया संकल्प
प्रदीपन ने सरकार की पहल का किया स्वागत

बाल विवाह मुक्त भारत की दिशा में ग्राम सभाओं ने बढ़ाया कदम
देश भर में 2.42 लाख से अधिक ग्राम सभाओं में लिया संकल्प
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। बाल विवाह के उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर अभियान चला रहे संगठन प्रदीपन ने गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में बाल विवाह के खात्मे का संकल्प लिए जाने का स्वागत किया है। केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय के निर्देश पर 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं का आयोजन कर गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव रखा गया।
केंद्र सरकार के निर्देश पर देशभर में 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इनमें स्थानीय निवासियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों और अधिकारियों ने भाग लिया। ग्राम सभाओं में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया गया।
– प्रदीपन ने कहा- अभियान को मिलेगी नई गति
प्रदीपन की निदेशक रेखा गुजरे ने कहा कि भारत सरकार, विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ग्राम सभाओं के माध्यम से बाल विवाह के खात्मे के लिए शुरू की गई पहल स्वागत योग्य है। जिला प्रशासन की ओर से भी इस दिशा में किए जा रहे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। सरकार और जिला प्रशासन के साथ संगठन पहले से अधिक उत्साह के साथ मिलकर काम करेगा।
रेखा गुजरे ने कहा कि जब पूरा गांव और समाज एकजुट होकर बाल विवाह के खिलाफ खड़ा होगा, तब बदलाव तेजी से आएगा। इससे बेटियों को अपना बचपन जीने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण गति दे सकती है।
– जेआरसी के साथ मिलकर चल रहा अभियान
प्रदीपन, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है। जेआरसी बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए काम करने वाले नागरिक समाज संगठनों का नेटवर्क है। संगठन के सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से देशभर में बाल विवाह की कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम का अभियान चलाया जा रहा है।
प्रदीपन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान से इस प्रयास को और व्यापकता मिली। संगठन का कहना है कि ग्राम स्तर पर जनभागीदारी बढ़ने से बाल विवाह के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूती मिलेगी।



