कानपुर
कोआपरेटिव इस्टेट कार्यालय परिसर के श्री कृष्ण गोपाल औषधि वाटिका में 31 औषधीय वृक्षों को लगाया गया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कानपुर : पितृ-पक्ष के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कोआपरेटिव इस्टेट कार्यालय परिसर में स्थित ‘श्री कृष्ण गोपाल औषधि वाटिका’ में 31 औषधीय वृक्षों,जिनमें लाजवन्ती, पुनर्नवा,श्वेत अपराजिता,पान,छोटी इलाइची,सेहुड़,हड़जोड़, जंगली लहसुन,बरसेड़ा, कालमेघ,आरगेनो तुलसी, पेंसिल स्टिक,गरम मसाला, ब्राम्ही प्रमुख हैं,का रोपण किया गया। कार्यक्रम में कोआपरेटिव इस्टेट के चेयरमैन विजय कपूर के साथ मुख्य अतिथि श्री अजय कपूर (पूर्व अध्यक्ष, लोक लेखा समिति) तथा बड़ी संख्या में उद्यमियों ने सहभागिता करते हुए औषधीय वृक्षों का रोपण किया। इस अवसर पर चेयरमैन विजय कपूर ने कहा कि पितृ-पक्ष केवल अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व ही नहीं, बल्कि उनके बताए संस्कारों और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को आगे बढ़ाने का भी अवसर है। पितरों की स्मृति में वृक्षारोपण करना हमारी परंपरा,पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्व, तीनों को एक साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के लिए जीवन, स्वच्छ वायु और स्वस्थ पर्यावरण का आधार बनता है। उन्होंने कहा कि ‘श्रीकृष्ण गोपाल औषधि वाटिका’ की स्थापना का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देने के साथ-साथ औषधीय एवं उपयोगी पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना है। इस वाटिका में लगाए जा रहे औषधीय वृक्ष आने वाले समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेदिक परंपरा से भी जोड़ने का माध्यम बनेंगे। मुख्य अतिथि अजय कपूर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को सदैव जीवनदायी और पूजनीय माना गया है। पितृ-पक्ष जैसे पवित्र अवसर पर औषधीय वृक्षों का रोपण करना पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी और अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धांजलि का सुंदर संगम है। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी प्राथमिकता में शामिल करें तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर उनकी देखभाल का संकल्प लें। कोआपरेटिव इस्टेट औद्योगिक क्षेत्र में चेयरमैन विजय कपूर की प्रेरणा से उद्यमियों द्वारा लंबे समय से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं हरियाली को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। औद्योगिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण को महत्व दिए जाने के कारण क्षेत्र में हरित क्षेत्र विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाता रहा है। यहां विभिन्न अवसरों पर बड़ी संख्या में वृक्ष एवं पौधे लगाए गए हैं तथा उनकी देखभाल के लिए भी निरंतर प्रयास किए जाते हैं। विजय कपूर ने कहा कि उद्योग और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि औद्योगिक क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से अधिक से अधिक वृक्ष लगाए जाएं और उनकी नियमित देखभाल की जाए तो विकास के साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दिनेश कुशवाहा,अरूण जैन, पम्मी खन्ना,हरेन्दर सिंह, अशोक जुनेजा,गुरविन्दर सिंह,नरेश पंजाबी,शैलेन्द्र सचान,अशोक गांधी,अनूप कुशवाहा,ओ.पी. सिंह,नरेश विरमानी,यशपाल सचान सहित अनेक उद्यमियों ने सहभागिता करते हुए औषधीय वृक्षों का रोपण किया और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा कोआपरेटिव इस्टेट को और अधिक हरा-भरा एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने का संकल्प लिया।



