ललितपुर
घंटाघर चौक पर गूंजी सायरन की आवाज, मलबे में दबे लोगों का हुआ रेस्क्यू
भूकंप जैसी आपदा से निपटने का हुआ वृहद मॉक ड्रिल

एनडीआरएफ ने अत्याधुनिक उपकरणों से चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
तंबू अस्पताल में सीपीआर और ऑक्सीजन सपोर्ट का प्रदर्शन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल घंटाघर चौक पर वृहद मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के नेतृत्व में हुए इस आपदा प्रबंधन अभ्यास में एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस, आपदा मित्र, एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवी संस्थाओं सहित विभिन्न विभागों ने हिस्सा लेकर आपात स्थिति में अपने-अपने दायित्वों का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप के झटकों से बहुमंजिला इमारत ढहने और उसके मलबे में लोगों के फंसने का वास्तविक जैसा परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और एनडीआरएफ की टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में दबे लोगों को तलाशकर सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया। इस दौरान बचाव अभियान में अपनाई जाने वाली तकनीकों और टीमों के बीच समन्वय को भी परखा गया। मॉक ड्रिल में आपदा के दौरान बिजली के शॉर्ट सर्किट से इमारत में आग लगने का भी परिदृश्य बनाया गया। अग्निशमन विभाग की टीम ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाने और इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। इस दौरान अग्निशमन कर्मियों ने आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और राहत-बचाव के तौर-तरीकों का प्रदर्शन किया। आपदा के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मौके पर ही ट्रियाज एरिया यानी तंबू अस्पताल स्थापित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच, प्राथमिक उपचार और उपचार के लिए आगे भेजने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। गंभीर रूप से घायल एवं अचेत मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट देने तथा सीपीआर के जरिए जीवन बचाने की प्रक्रिया भी व्यावहारिक रूप से दिखाई गई। आपदा की स्थिति में राहत कार्यों के दौरान भीड़ बढऩे और अफरा-तफरी की आशंका को देखते हुए पुलिस बल एवं सिविल डिफेंस ने भीड़ प्रबंधन का अभ्यास किया। राहत एवं बचाव दलों के लिए रास्ता साफ रखने, लोगों को सुरक्षित क्षेत्र में ले जाने और मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया। वृहद मॉक ड्रिल में आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, ग्वाला एकेडमी, एनसीसी एवं एनएसएस के छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं और मीडिया प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की। अभ्यास के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखा गया। समापन पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने मॉक ड्रिल में शामिल सभी विभागों, टीमों और स्वयंसेवकों की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदाएं बिना पूर्व सूचना के आती हैं, लेकिन सजगता और पूर्व तैयारी से जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि भूकंप या किसी अन्य आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य बनाए रखें, पहले स्वयं को सुरक्षित करें और सुरक्षित तरीके से दूसरों की सहायता करें। इस दौरान पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई, एएसपी कालू सिंह, एडीएम दिनेश कुमार, एसडीएम हेमंत पटेल, आपदा विशेषज्ञ आरती सिंह सहित अन्य अधिकारी, आपदा मित्र, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।



