पाकुड़
देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात, जनता की अदालत ही अंतिम उम्मीद: उदय लखमानी
Conditions in the country resemble an undeclared emergency; the people's court is the final hope: Uday Lakhmani.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ में झारखंड कांग्रेस के पीसीसी कोऑर्डिनेटर सह जिला प्रभारी उदय लखमानी ने केन्द्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों, युवाओं, वकीलों और पत्रकारों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। लखमानी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने के मुद्दे पर राहुल गांधी के विरोध का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी बताने की आलोचना की और कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता को आगे आना होगा। लखमानी ने संवैधानिक संस्थाओं से लोगों की निराशा का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता की भूमिका सर्वोपरि है।



