गोड्डा
गोड्डा में हाथ से उखड़ रही सड़क, बाबूलाल मरांडी के ट्वीट के बाद प्रशासन हरकत में
ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

डीसी लोकेश मिश्रा ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच और कार्रवाई का दिया निर्देश
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
गोड्डा। सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद मामला अब तूल पकड़ने लगा है। सड़क निर्माण में कथित अनियमितता का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। वहीं, जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, गोड्डा समाहरणालय के समीप पांडुबथान पंचायत की पीडब्ल्यूडी सड़क से पुनसिया गांव तक सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और रातों-रात पुरानी सड़क के ऊपर ही कालीकरण कर दिया गया। जब स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, तो उनका आरोप है कि सड़क की परत हाथ से ही उखड़ने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण इसी तरह किया गया, तो सड़क कुछ ही दिनों में टूट जाएगी। उनका यह भी दावा है कि पुरानी सड़क पिछले 23 वर्षों से बेहतर स्थिति में थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ी का विरोध किया, तो निर्माण में लगे लोगों द्वारा उन्हें धमकाया गया। इस मामले का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और इसकी बानगी गोड्डा में देखने को मिल रही है, जहां सड़क हाथ से ही उखड़ रही है। वहीं, ग्रामीण बबिता कुमारी ने भी निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सड़क के आगे करीब दो किलोमीटर हिस्से का निर्माण भी रातों-रात कर दिया गया है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर किस मद से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है और निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड तक क्यों नहीं लगाया गया?
इधर, मामले पर जिला प्रशासन ने लिया संज्ञान।
गोड्डा के उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें ग्रामीण कार्य विभाग प्रमंडल गोड्डा, पथ प्रमंडल गोड्डा और ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल गोड्डा के कार्यपालक अभियंताओं को शामिल किया गया है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है। इसके अलावा, कार्य में शिथिलता बरतने और सही पर्यवेक्षण नहीं करने के आरोप में जेई और एई के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है।वहीं, लापरवाही बरतने वाले संवेदक M/s AMD कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध नियमानुकूल कठोर कार्रवाई करने की बात कही गई है।



