
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पथरगामा : प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से रसोई गैस वितरण बाधित रहने के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सर्वर डाउन रहने की वजह से गैस वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी, जिसके कारण कई उपभोक्ता गैस एजेंसी तक पहुंचने के बावजूद सिलेंडर लिए बिना ही वापस लौटने को मजबूर हो रहे थे। इस संबंध में गैस एजेंसी के मैनेजर गोपाल भगत ने बताया कि पिछले तीन दिनों से सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण उपभोक्ताओं का ओटीपी आधारित सत्यापन नहीं हो पा रहा था। ओटीपी सत्यापन नहीं होने के कारण गैस वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह से प्रभावित हो गई थी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि रसोई गैस अधिकांश घरों में खाना बनाने का मुख्य साधन है, ऐसे में गैस नहीं मिलने से लोगों को लकड़ी और अन्य पारंपरिक साधनों से भोजन बनाना पड़ रहा था। कई उपभोक्ताओं ने दूसरे गांवों से भी गैस की व्यवस्था करने की कोशिश की। हालांकि सरकार की ओर से अस्थायी व्यवस्था करते हुए बिना ओटीपी के ही गैस वितरण की अनुमति दे दी गई है। इस निर्णय के बाद पथरगामा क्षेत्र की गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं को फिर से गैस मिलने लगी, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मैनेजर गोपाल भगत ने उम्मीद जताई कि जल्द ही सर्वर की समस्या पूरी तरह ठीक हो जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी से उपभोक्ताओं को जूझना न पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों सहित अन्य सरकारी संस्थानों में गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।




