
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत। चिकित्सा जगत में एक बार फिर डॉक्टरों की दक्षता और समर्पण का उदाहरण सामने आया, जब गंभीर रूप से घायल और हृदय संबंधी समस्या से जूझ रहे मरीज अंकुर जैन की सफल सर्जरी कर उन्हें नई जिंदगी दी गई।मरीज अंकुर जैन को घुटने में गंभीर फ्रैक्चर के साथ अस्पताल लाया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उनका घुटना बुरी तरह टूट चुका है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में एवेल्शन ACL (Avulsion) फ्रैक्चर कहा जाता है। यह एक जटिल स्थिति होती है, जिसमें हड्डी का एक हिस्सा लिगामेंट के साथ अलग हो जाता है।लेकिन मामला यहीं तक सीमित नहीं था। डॉक्टरों द्वारा जब आगे की जांच की गई, तो एंजियोग्राफी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—मरीज की हृदय धमनियों में लगभग 60 प्रतिशत ब्लॉकेज पाया गया। यह स्थिति सर्जरी के दौरान किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकती थी।ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में सर्जरी करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन अनुभवी ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शेखर तोमर (MBBS, MS ऑर्थो, दिल्ली) ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस चुनौती को स्वीकार किया।डॉ. तोमर ने बताया कि मरीज की स्थिति अत्यंत नाजुक थी। एक ओर घुटने का जटिल फ्रैक्चर, तो दूसरी ओर हृदय की गंभीर समस्या—दोनों का संतुलन बनाते हुए सर्जरी करना बेहद जोखिम भरा था। ऑपरेशन से पहले कार्डियोलॉजी टीम की सलाह ली गई और पूरी तैयारी के साथ सर्जरी शुरू की गई।करीब कई घंटों तक चली इस सर्जरी के दौरान हर पल जोखिम बना रहा, लेकिन डॉक्टरों की सतर्कता और अनुभव ने अंततः सफलता दिलाई। सर्जरी सफल रही और मरीज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।फिलहाल अंकुर जैन की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। इस सफल सर्जरी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यदि डॉक्टरों के पास अनुभव, तकनीक और दृढ़ संकल्प हो, तो सबसे कठिन परिस्थितियों में भी जीवन को बचाया जा सकता है।इस उपलब्धि के लिए डॉ. शेखर तोमर और उनकी टीम की सराहना की जा रही है, जिन्होंने जोखिम उठाकर एक अनमोल जीवन को बचाया।



