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हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट

कांग्रेस के दावों पर सीएम बोले- करेंगे कानूनी कार्रवाई

नई दिल्ली । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर विदेशों में संपत्ति छिपाने और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
असम की राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनके परिवार पर विदेशी संपत्ति और कई पासपोर्ट रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कांग्रेस के गंभीर आरोप
मामले में कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने एक मीडिया वार्ता में कई दस्तावेज पेश किए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। खेड़ा ने इन पासपोर्ट की जानकारी भी साझा की। खेड़ा के मुताबिक इनमें यूएई, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र (इजिप्ट) के पासपोर्ट शामिल हैं। खेड़ा ने सवाल उठाया कि एक मुख्यमंत्री की पत्नी को तीन पासपोर्ट की क्या जरूरत है?
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि दुबई में रिंकी भुइयां सरमा की दो संपत्तियां हैं। खेड़ा ने कहा कि चुनाव के समय दिए जाने वाले हलफनामे (एफिडेविट) में इन संपत्तियों की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी की इन संपत्तियों को जनता से क्यों छिपाया?
इसके अलावा उन्होंने अमेरिका के व्योमिंग में एक कंपनी का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा इस कंपनी के सदस्यों में मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी और उनके बेटे का नाम शामिल है। खेड़ा के अनुसार, इस कंपनी का बजट अरबों डॉलर है और इसका उद्देश्य अमेरिका में होटल खोलना है। उन्होंने दावा किया कि कंपनी का जो पैसा परिवार के तीन लोगों में बंटना है, वह करीब 52,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्स बचाने और संपत्ति छिपाने के लिए व्योमिंग में शेल कंपनियां बनाई गईं। कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह से एसआईटी जांच और चुनाव आयोग से मुख्यमंत्री का नामांकन रद्द करने की मांग की है।
हिमंत बिस्व सरमा का जवाब-मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पवन खेड़ा की मीडिया वार्ता कांग्रेस की गहरी हताशा और घबराहट को दिखाती है। मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित झूठ बताया। उनका कहना है कि कांग्रेस असम की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि वह और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और नागरिक मानहानि के मामले दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि खेड़ा को अपने गैर-जिम्मेदाराना बयानों के लिए पूरी तरह जवाबदेह होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। जब अदालत में सच साबित हो जाएगा, तो पवन खेड़ा को अपने किए का परिणाम भुगतना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस असम में अपनी हार तय देखकर इस तरह के हमले कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह इन झूठे आरोपों के खिलाफ कानून का सहारा लेंगे।

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