सहयोगिनी संस्था के 25 वर्ष पूरे
बाबा साहब के आदर्शों पर चलकर सामाजिक परिवर्तन की लिख रही नई इबारत।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। बोकारो के बहादुरपुर स्थित ‘सहयोगिनी’ संस्था के कार्यालय में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती और संस्था का 25वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दोहरे अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सामाजिक क्षेत्र में संस्था के योगदान की जमकर सराहना की।
संविधान और बाबा साहब के पदचिन्हों पर बढ़ते कदम
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि “सहयोगिनी” संस्था बाबा साहब के दिखाए मार्ग और संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की सेवा कर रही है। उन्होंने कहा कि
“महिलाओं, लड़कियों और ग्रामीण वंचित वर्गों के बीच सहयोगिनी द्वारा किया जा रहा कार्य काबिले तारीफ है। बाल विवाह, बाल तस्करी, कुपोषण और हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संस्था ने झारखंड में एक सशक्त पहचान बनाई है।”
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों ने संस्था के 25 वर्षों के सफर और जमीनी स्तर पर आए बदलावों को रेखांकित किया।
कसमार प्रखंड की प्रमुख नियुक्ति दे ने बताया कि संस्था खेल और अन्य माध्यमों से किशोरियों के भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित कर रही है। साथ ही, सरकारी योजनाओं को आम जनमानस तक पहुँचाने में सेतु का कार्य कर रही है।
बोकारो मुख्यालय के डीएसपी अनिमेष कुमार ने पोक्सो एक्ट और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में संस्था के प्रयासों को सराहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने में पुलिस प्रशासन हमेशा संस्था के साथ खड़ा है।
संस्था की सचिव कल्याणी सागर ने जानकारी दी कि वर्तमान में 50 गांवों में किशोरियों के कौशल विकास और स्वावलंबन पर केंद्रित विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
इन क्षेत्रों में सक्रिय है संस्था:
बाल संरक्षण: बाल विवाह और बाल तस्करी पर अंकुश लगाना।
महिला सशक्तिकरण: हिंसा मुक्त समाज और महिलाओं के लिए आवास व्यवस्था।
स्वास्थ्य: कुपोषण उन्मूलन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जागरूकता।
शिक्षा व खेल: किशोरियों को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ाना।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरणविद् गुलाबचंद, अमरेश कुमार महतो और सुचित्रा सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर की जीवनी और उनके संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंच का कुशल संचालन कुमारी किरण और विकास कुमार गोस्वामी ने किया।
समारोह में मुख्य रूप से डॉ श्याम कुमार भारती, विजय कुमार, विनीता देवी, पुष्पा देवी, महेश्वर महतो, अमरिंदर अनुप, संजय कुमार महतो, सफ़रोज खान, मंजू देवी, रेखा देवी, रीता देवी, राधा कुमारी, महेश्वर महतो, रवि राय, तपन अड़ी, नीतू कुमारी, स्वाति कुमारी, पायल कुमारी, अनिल कुमार हेंब्रम, नेपाल महतो, कुमार गौरव, प्रकाश कुमार महतो, हबीब, हलीमा एजाज, शंकर रवानी, प्रीति प्रसाद, सीता कुमारी, हनी प्रसाद, प्रवीण कुमार, संजय कुमार सिंह, डॉ. प्रभात कुमार रंजन, अनुनय सागर, अभय सिंह, गौतम सागर सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
25 वर्षों की यह यात्रा न केवल एक संस्था की सफलता है, बल्कि उन हजारों महिलाओं और बच्चियों की जीत है जिन्हें ‘सहयोगिनी’ ने एक नई दिशा और पहचान दी है। बाबा साहब के आदर्शों को धरातल पर उतारने का यह संकल्प भविष्य में और भी सशक्त होने की उम्मीद जगाता है।




