बाराबंकी
हंसमुख स्वभाव न्याय दिलाने में सबसे तेज बाराबंकी एस पी व पत्रकारों की मेहनत से पीड़िता को मिला न्याय
बाराबंकी एसपी की तत्परता से मिला न्याय, पीड़िता ने जताया आभार — पत्रकारों की मेहनत लाई रंग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बाराबंकी। जनपद में न्याय के लिए दर-दर भटक रही एक पीड़ित महिला को आखिरकार इंसाफ की राह मिल गई। पिछले चार दिनों से लगातार गुहार लगाने के बावजूद जब कहीं सुनवाई नहीं हुई, तब पत्रकारों की सक्रियता और जिम्मेदार रिपोर्टिंग का असर देखने को मिला।पीड़िता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, दिनांक 13 अप्रैल 2026 को उसकी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ की गई। आरोप है कि समीर पुत्र शब्बीर व सोनू पुत्र शमीम निवासी मोहल्ला बारादरी, थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी ने रास्ते में रोककर अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर पीड़िता के घर पहुंचकर समीर, सोनू, सना बानो व सोनी (पत्नी सोनू) ने एकजुट होकर गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों व धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे पीड़िता को गंभीर चोटें आईं।
पीड़िता का आरोप था कि स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद समय से एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे परिवार में भय और निराशा का माहौल था।लेकिन जैसे ही यह मामला पत्रकारों द्वारा प्रमुखता से उठाया गया, प्रशासन हरकत में आया। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपनी पूरी आपबीती रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।इसके बाद थाना कोतवाली नगर में FIR संख्या 0301/2026 दिनांक 16 अप्रैल 2026 को दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 75, 352, 118(1), 115(2), 3(5) तथा POCSO एक्ट 2012 की धारा 7/8 के तहत मुकदमा कायम किया है।एसपी की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को राहत मिली है। भावुक पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि ऐसे संवेदनशील और ईमानदार अधिकारी हर जगह हों, तो किसी को न्याय के लिए भटकना न पड़े।पीड़िता ने साथ ही सभी पत्रकारों का भी धन्यवाद किया, जिनकी मेहनत और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की वजह से उसकी आवाज प्रशासन तक पहुंच सकी।यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर साबित करता है कि जब पत्रकारिता निष्पक्ष और निर्भीक होती है, तो वह न केवल सच को सामने लाती है बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में भी अहम भूमिका निभाती है।
अब पूरे मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं—देखना यह होगा कि आरोपियों के खिलाफ कब तक सख्त कदम उठाए जाते हैं और पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय कब मिलता है।



