बैतूल एक पेड़ मां के नाम का ढोल पीटने वाली भाजपा शहर में हरित संहार कर रहीं है: निलय डागा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। पीढ़ियों से लगे हुए गांधी चौक बैतूल के पेड़ो की छांव ने लोगों को गर्मी से राहत दी पर्यावरण संतुलन बनाये रखा, वहीं आज भाजपा शासित नगर पालिका परिषद की आरी ने उस छांव को हमेशा के लिए काटने का फैसला कर लिया है। शहर के ऐसे सैकड़ों पुराने, घने और भावनात्मक रूप से जुड़े पेड़ एक-एक कर गिराए जा रहे हैं।
पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा ने विकास के नाम पर हो रही हरियाली हत्या का विरोध जताया है। उन्होंने कहा की सत्ता पक्ष को इसकी क्या चिंता? उनके लिए तो पेड़ सिर्फ़ एक नंबर हैं एक पेड़ मां के नाम।
बाकी सारे पेड बड़े बड़े उद्योगपतियों के नाम करने वाली भाजपा सिर्फ उजाड़ना जानती है उजाड़ना ही भाजपा का विकास मॉडल है।
भाजपा की यह अनोखी पर्यावरण नीति देखकर पर्यावरण प्रेमी हैरान हैं। एक तरफ़ चुनावी मंचों पर एक पेड़ मां के नाम का ढिंढोरा पीटा जाता है, दूसरी तरफ़ नगर पालिका की मशीनें, पीढ़ियों से जमी पुरानी हरियाली को बेरहमी से काट रही हैं। लगता है, भाजपा के लिए ना का नाम सिर्फ़ वोट बटोरने का नारा है, असली मां-धरती की रक्षा करना नहीं।
जब सवाल उठता है कि आखिर इतने पेड़ क्यों काटे जा रहे हैं, तो जवाब आता है विकास। लेकिन सवाल यह है किसका विकास? ठेकेदारों का? या बैतूल का,
निलय डागा ने कहा सिर्फ़ पेड़ नहीं, बैतूल की सांस और स्मृतियां काटी जा रही हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोग घमंड की मस्ती में व्यस्त है।
यह है आज की भाजपा की डबल इंजन सरकार का पर्यावरण प्रेम- एक इंजन से पेड़ काटो, दूसरे इंजन से नारा लगाओ। एक हाथ से आरी चलाओ, दूसरे हाथ से माला चढ़ाओ।



