गाजियाबाद
यूपी में स्मार्ट मीटर पर यू-टर्न
प्रीपेड से पोस्टपेड मॉडल की ओर बदलाव, लोनी में विरोध के बीच लोगों को मिली राहत
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए इसमें अहम बदलाव का ऐलान किया है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के निर्देश पर अब स्मार्ट मीटर प्रीपेड के बजाय पोस्टपेड मॉडल की तरह काम करेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने के संकेत हैं। यह फैसला 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सरकार के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर लंबे समय से लोगों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा था। स्थानीय निवासियों ने तेज़ रीडिंग, दोगुना बिल और बिना सूचना बिजली कटौती जैसी समस्याओं को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया में लाइव आकर अपना कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि जब तक स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक लोनी में स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएं। उन्होंने स्मार्ट मीटर को “जनता का जीवन नर्क” तक करार दिया था।
शिकायतों के बीच कई गंभीर मामले भी सामने आए, जिनमें एक घर का मीटर गलती से बदल दिए जाने के कारण परिवार को 35 दिनों तक अंधेरे में रहना पड़ा। इन घटनाओं ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
बढ़ते दबाव और जनाक्रोश को देखते हुए सरकार ने गाजियाबाद के करीब 1.75 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर को वापस पोस्टपेड में बदलने का निर्णय लिया है। इससे उपभोक्ताओं को अब पहले की तरह बिल मिलने के बाद भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
हालांकि, गाजियाबाद में करीब 11 लाख उपभोक्ताओं में से लगभग 2 लाख स्मार्ट मीटर पहले ही लगाए जा चुके हैं और बिजली चोरी रोकने के लिए इनका उपयोग जारी रहेगा। लेकिन अब इनके संचालन के तरीके में बदलाव किया जाएगा।
विधायक नंदकिशोर गुर्जर की सख्त चेतावनी और जनता के विरोध के बाद आए इस फैसले से लोनी के लोगों में संतोष देखा जा रहा है। वहीं, उपभोक्ताओं की मांग है कि जब तक स्मार्ट मीटर पूरी तरह सही तरीके से काम नहीं करते, तब तक पुराने मीटर ही जारी रखे जाएं।



