भरत पुर
टोल वसूली में व्यस्त विभाग, मौत को दावत देता गम्भीर नदी पुल
जर्जर जॉइंटों से रोज हादसे, ग्रामीणों में आक्रोश किया प्रदर्शन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भरतपुर। बयाना-ब्रह्मबाद मार्ग पर स्थित गम्भीर नदी पुल अब लोगों की सुविधा नहीं, बल्कि हादसों और लापरवाही की पहचान बन चुका है। पुल के जॉइंटों में बने गहरे गैप और उखड़ी सड़क से गुजरना वाहन चालकों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि रोजाना वाहन उछल रहे हैं, पलट रहे हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। सोमवार को प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसी आरएसआरडीसी की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों और वाहन चालकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग पुल पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में ग्रामीणों ने एसडीएम दीपक मित्तल और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन बृजमोहन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल मरम्मत की मांग की।ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की हालत महीनों से खस्ताहाल बनी हुई है, लेकिन न तो आरएसआरडीसी और न ही पीडब्ल्यूडी कोई ठोस कार्रवाई कर रहा है। पुल के जॉइंटों के बीच इतने गहरे गड्ढे बन चुके हैं कि छोटे वाहन गुजरते समय हवा में उछल जाते हैं। कई बार वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं और हादसे होते-होते बचते हैं। टेम्पो, ई-रिक्शा, बाइक और एम्बुलेंस तक इस पुल पर झटकों का शिकार हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग बयाना को धौलपुर, रुदावल, रूपवास, बाड़ी और बसेड़ी जैसे महत्वपूर्ण इलाकों से जोड़ता है, जहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद पुल की मरम्मत को लेकर विभागीय उदासीनता साफ नजर आ रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब सड़क और पुल सुरक्षित नहीं हैं तो आखिर किस बात का टोल टैक्स वसूला जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गम्भीर नदी पुल से महज 300 मीटर दूर आरएसआरडीसी लगातार टोल वसूली कर रही है, लेकिन सड़क सुविधाओं के नाम पर वाहन चालकों को सिर्फ गड्ढे, हादसे और परेशानी मिल रही है। लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा पर वसूली में कोई ढिलाई नहीं होती, लेकिन पुल की मरम्मत के नाम पर विभाग पूरी तरह लापता है। ग्रामीणों ने कहा कि खराब सड़क और पुल के कारण आए दिन वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पुल के जॉइंटों की मरम्मत, गड्ढों को भरवाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और लगातार बढ़ रहे हादसों पर रोक लगाई जा सके।


