
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। खेल मंत्रालय भारत सरकार और मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम द्वारा चलाए जा रहे अनुभवात्मक अभियान के 6 स्वयंसेवकों ने पांच दिवसीय विशेष अभियान के तहत आनंद धाम वृद्धाश्रम, भारत भारती में वरिष्ठजनों के साथ समय बिताया, सेवा और संवेदना का अनूठा अनुभव प्राप्त किया। यह पहल युवाओं को भारतीय संस्कृति के मातृ देवो भव, पितृ देवो भव मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से की गई। इसमें 6 युवा स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। पहले दिन स्वयंसेवकों ने आश्रम परिसर की साफ-सफाई और बगीचे के रखरखाव में श्रमदान किया। सबसे भावुक पल तब आया जब युवाओं ने दादा-दादी से उनकी जीवन गाथाएं सुनीं। बुजुर्ग ने बताया, बच्चों की हंसी सुनकर लगता है जैसे उनका अपना परिवार लौट आया। स्वयंसेवक तनु श्री सोनी ने कहा, हम किताबों में बुजुर्गों का सम्मान पढ़ते हैं, पर यहां आकर उसका अर्थ समझा। चौथे दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। स्वयंसेवकों ने भजन, लोकगीत और प्रेरक नाटक प्रस्तुत किए। आनंद धाम के व्यवस्थापक शैलेन्द्र बनकर ने कहा मेरा युवा भारत के बच्चों के प्रयासों से पांच दिनों में हमारे बुजुर्गों के चेहरे पर जो मुस्कान आई, वह अनमोल है। मेरा युवा भारत के जिला युवा अधिकारी सुषमा गवली ने बताया कि इस अनुभव के बाद सभी स्वयंसेवक हर माह एक दिन आश्रम में देने का संकल्प लेकर लौटे हैं। युवाओं को ऐसे अनुभवों से ही राष्ट्र निर्माण की असली प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर डॉ.महेश गुजेले ने कहा कि यह अनुभव हासिल हुआ है जो कि कहीं ना कहीं हमारे ह्रदय को स्पर्श कर गया। कार्यक्रम का संचालन धनंजय सिंह ठाकुर द्वारा किया गया। इस अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम में स्वयंसेवक, संजना धुर्वे, अनुज पाटिल, निखिल साहू, राहुल बेले, विवेक उच्चसरे मौजूद थे।




