बागपत
टयौढी की महिला सुरेशो देवी की दर्दनाक सड़क हादसे में मौत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत/टयौढी। टयौढी गांव की एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। 11 अप्रैल को टयौढी निवासी सुरेशो देवी पत्नी ओमपाल अपने पति के साथ ढिकाना रोड स्थित कट पार कर रही थीं। तभी बड़ौत की ओर से तेज रफ्तार में आ रही इको वैन (HR 10S 7740) ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि टक्कर लगते ही ओमपाल करीब 20 फीट दूर जा गिरे, जबकि सुरेशो देवी वैन की चपेट में आ गईं। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय महिला को करीब 30 फीट तक घसीटा और उसके ऊपर गाड़ी के सभी पहिये चढ़ गए, जिससे सुरेशो देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी।
हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर फरार होने लगा, लेकिन स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए उसका पीछा किया। खुद को घिरता देख चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर बड़ौत पुलिस चौकी पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और सुरेशो देवी को डॉ. दिनेश बंसल मैनावती हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद महिला का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
मृतका के देवर सुरेंद्र मलानिया, जो पेशे से पत्रकार हैं, ने बड़ौत कोतवाली पहुंचकर वाहन संख्या HR 10S 7740 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई और आरोपी चालक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
सुरेंद्र मलानिया ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही और तेज रफ्तार का परिणाम है, जिसने उनके परिवार से एक सदस्य छीन लिया। उन्होंने प्रशासन से ढिकाना रोड कट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, स्पीड ब्रेकर लगाने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की।
ग्रामीणों ने भी इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उक्त कट पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपाय न होने से लगातार जानें जोखिम में पड़ रही हैं।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं, और अब परिजन न्याय की आस लगाए बैठे हैं।



