बागपत
सत्संग ही सच्चा तीर्थ, बेटियां संस्कारों की सबसे मजबूत आधारशिला : रवि शास्त्री

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
अमीनगर सराय/बागपत : कस्बा स्थित आचार्य जय सागर दिगंबर जैन कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित सत्संग एवं संस्कार कार्यशाला में आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के जिला सभा मंत्री रवि शास्त्री ने छात्राओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का संदेश देते हुए कहा कि सत्संग ही सच्चा तीर्थ है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार तीर्थस्थलों पर जाकर व्यक्ति आत्मिक शांति प्राप्त करता है, उसी प्रकार अच्छे विचारों, श्रेष्ठ संगति और ज्ञान की गंगा में स्नान कर मनुष्य अपने जीवन के परम लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।
रवि शास्त्री ने कहा कि बेटियां केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि दो घरों को संस्कारित करने वाली शक्ति होती हैं। एक संस्कारित बेटी जहां अपने मायके के संस्कारों को आगे बढ़ाती है, वहीं अपने ससुराल में भी संस्कृति, मर्यादा और नैतिकता की नई रोशनी फैलाती है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में नारी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और एक शिक्षित, संस्कारित एवं जागरूक नारी ही सशक्त समाज और श्रेष्ठ राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला बन सकती है।
उन्होंने वर्तमान समय में समाज में बढ़ती अश्लीलता, पाश्चात्य प्रभाव और नैतिक पतन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन बुराइयों को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम बेटियों को भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं और नैतिक शिक्षा से जोड़ना है। जब बेटियां अपनी संस्कृति, सभ्यता और कर्तव्यों को समझेंगी, तभी समाज में चरित्र निर्माण की मजबूत नींव पड़ेगी।
रवि शास्त्री ने कहा कि आर्य समाज पिछले 152 वर्षों से समाज सुधार, शिक्षा प्रसार और कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सतत कार्य कर रहा है। महर्षि दयानंद सरस्वती के विचार आज भी समाज को नई दिशा देने में सक्षम हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश आज भी दहेज प्रथा, मृत्यु भोज, विवाह समारोहों में अश्लील गीत-संगीत, नशाखोरी और युवाओं में बढ़ती शराब जैसी बुरी आदतें समाज के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रही हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सामूहिक जागरूकता और संस्कार आधारित शिक्षा ही सबसे बड़ा समाधान है।
उन्होंने कहा कि यदि समाज को सुरक्षित, सशक्त और संस्कारित बनाना है तो प्रत्येक परिवार, विद्यालय और सामाजिक संस्था को मिलकर बच्चों, विशेषकर बेटियों में भारतीय संस्कृति, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व के संस्कार विकसित करने होंगे।
कार्यक्रम के दौरान आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत द्वारा बड़ौत में आयोजित होने वाले आवासीय संस्कार शिविर के लिए विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान भी चलाया गया। इसके अंतर्गत सर्वोदय संस्कृत आश्रम बालैनी, आर्य समाज मवी कला, पुरा महादेव, परशुराम आश्रम सहित अनेक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को शिविर की जानकारी दी गई और बच्चों को संस्कार शिक्षा से जोड़ने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य अनीता जैन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि चरित्रवान नागरिक बनाना भी है। कार्यक्रम में प्रोफेसर सुरेंद्र पाल आर्य, दिनेश जैन, हेमपुष्पा, आशा यादव, प्रिया जैन, आचार्य अनुज, अमरपाल आर्य, कपिल आर्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में नैतिकता, संस्कृति, सामाजिक चेतना और आत्मविश्वास का संचार करना रहा, ताकि वे भविष्य में परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।


