रांची

“सत्य की जीत” के नारों के बीच जेल से बाहर आये पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत

Former Rural Development Minister Alamgir Alam walks out of jail amid cries of "Truth wins"; supporters give him a grand welcome

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। करीब दो साल तक जेल में रहने के बाद Alamgir Alam गुरुवार को रांची के होटवार स्थित Birsa Munda Central Jail से बाहर आए। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई ने झारखंड कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नया उत्साह भर दिया। जेल परिसर के बाहर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ उमड़ी रही और “सत्य की जीत” के नारों से माहौल गूंजता रहा। रिहाई के बाद सबसे भावुक पल तब देखने को मिला, जब आलमगीर आलम ने बाहर निकलते ही अपने पोते को गोद में उठाकर प्यार जताया। यह दृश्य वहां मौजूद समर्थकों और नेताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उनकी पत्नी एवं पाकुड़ विधायक Nishat Alam अपने बेटे और पोते के साथ जेल पहुंचीं। रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आलमगीर आलम सीधे एचईसी स्थित अपने सरकारी आवास पहुंचे, जहां समर्थकों का हुजूम देर तक जमा रहा। मुलाकात करने वालों में झारखंड सरकार की मंत्री Deepika Pandey Singh, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Keshav Mahto Kamlesh समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल रहे। नेताओं ने इसे “न्याय और सच्चाई की जीत” करार दिया। कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने दावा किया कि आलमगीर आलम की गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और केंद्र सरकार के दबाव में ईडी ने उन्हें गलत तरीके से फंसाया, लेकिन अब न्यायिक प्रक्रिया ने सच्चाई को सामने ला दिया है। वहीं मीडिया से बातचीत में आलमगीर आलम ने कहा कि मुश्किल समय में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के समर्थन ने उनका मनोबल मजबूत बनाए रखा। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और आगे भी न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे। खुद को निर्दोष बताते हुए उन्होंने कहा कि सच अंततः सामने आता है। भविष्य की राजनीतिक भूमिका पर फिलहाल उन्होंने कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत अभी पूरी तरह ठीक नहीं है और फिलहाल प्राथमिकता स्वास्थ्य लाभ है। स्वास्थ्य में सुधार के बाद ही आगे की राजनीतिक रणनीति पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मई 2024 में कथित भ्रष्टाचार मामले में आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। बाद में 2024 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पाकुड़ सीट से उनकी पत्नी निशत आलम को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने चुनाव में जीत हासिल की।

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