शेरशाहबादी समाज के धरना में पहुंचे सांसद विजय कुमार हसदा, कहा – “समाधान होकर रहेगा”
MP Vijay Kumar Hasda reached the protest of Shershahabadi community and said – “The issue will be resolved.”

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
बरहरवा, साहेबगंज। शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः जारी करने की मांग को लेकर प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन महाधरना शनिवार को 14वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के समर्थन में Vijay Hansda धरनास्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। सांसद के पहुंचने से धरनास्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह देखा गया। मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा कि वे इस मुद्दे से पहले से अवगत हैं और यह क्षेत्र की बड़ी आबादी से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि सरकार स्तर पर पूर्व में कई बार पत्राचार कर समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन अंचल स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हो सका, जिसके कारण समुदाय के लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है। सांसद ने कहा कि वे पूरी तरह शेरशाहबादी समाज के साथ हैं और इस मामले का समाधान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से भी रास्ता निकाला जा सकता है। इस संबंध में Sahibganj के उपायुक्त से बातचीत हुई है तथा आगामी मंगलवार को संबंधित अंचलों के अंचलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। उन्होंने आंदोलनकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि बैठक के बाद भी समाधान नहीं निकलता है, तो आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। “इस मामले का समाधान होकर रहेगा,” सांसद ने कहा। धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि वर्ष 2012 तक शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाता था, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। इसके कारण हजारों छात्र-युवा शिक्षा, नौकरी और आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर मुखिया मो. इस्तियाक, मो. आजमाइल, तोफाइल शेख, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल गफूर, नगर अध्यक्ष धर्मवीर महतो, नूरुल हुसैन, शाहबाज आलम, प्रदीप साहा, शकील अहमद, अब्दुर रहमान, मसूद आलम, वसीम अख्तर, महफूज आलम, सलमान ताहिर, नदीम अख्तर, आमिर हमजा, वसीम अकरम, तैय्यब शेख, मुस्तकीम शेख, मोसब्बर आलम और परवेज आलम सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा एवं समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।



