खैरथल

स्वामी बालकादेवाचार्य महाराज की 41 दिन की पंच धूणी अग्नि तपस्या सम्पन्न

रसगन धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

शिव गंगा महापुराण का भी हुआ समापन, आज विशाल मेला व देशी घी का भंडारा 
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
मुंडावर। उपखंड क्षेत्र के गांव रसगन स्थित श्री शीतल दास जी आश्रम रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा, जहां रैणागिरी धाम के बेनामी जगद्गुरु स्वामी बालकादेवाचार्य जी महाराज द्वारा पिछले 41 दिनों से की जा रही पंच धूणी अग्नि तपस्या विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुई। तपस्या पूर्ण होने के अवसर पर आश्रम परिसर में हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने महाराज श्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच स्वामी बालकादेवाचार्य जी महाराज ने 6 अप्रैल से पंच धूणी के मध्य कठिन तप साधना आरंभ की थी। लगातार 41 दिनों तक अग्नि के बीच बैठकर की गई इस तपस्या को देखने और आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु रसगन धाम पहुंचते रहे। तपस्या पूर्ण होने पर भक्तों में विशेष उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। आश्रम परिसर में दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। गंगोत्री धाम के पीठाधीश्वर आचार्य रावल मनु महाराज द्वारा शिव गंगा महापुराण कथा का श्रवण कराया गया, जिसमें महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वहीं रात्रि में आयोजित रामलीला मंचन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
शनिवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव भी रसगन आश्रम पहुंचे थे। उन्होंने स्वामी बालकादेवाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। केंद्रीय मंत्री के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। आश्रम समिति के अनुसार पंच धूणी अग्नि तपस्या पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार 18 मई को विशाल मेले एवं देशी घी के भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मेले में खैरथल सहित आसपास के कई गांवो से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।आयोजन को लेकर आश्रम परिसर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छाया, बैठने एवं प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।‌ ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का कहना है कि रसगन धाम लगातार क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां होने वाले धार्मिक आयोजनों में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। रविवार को तपस्या पूर्ण होने के बाद पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण बना रहा।
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