‘जमीन हमारा, अधिकार तुम्हारा नहीं चलेगा’ के नारों के साथ झामुमो ने खान-खनिज संशोधन विधेयक का किया विरोध
The JMM opposed the Mines and Minerals Amendment Bill with slogans of "The land is ours; your authority will not prevail."

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। गोकुलपुर स्थित बाजार समिति के हॉल में रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला समिति की महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। झामुमो नेताओं ने विधेयक का विरोध करते हुए आंदोलन को पंचायत और प्रखंड स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया। बैठक में राजमहल सांसद विजय हांसदा, महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी और लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “जमीन हमारा, अधिकार तुम्हारा नहीं चलेगा” जैसे नारों के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
‘जल्दबाजी में पास किया गया विधेयक’
बैठक को संबोधित करते हुए राजमहल सांसद विजय हांसदा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराया है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां की जमीन, जंगल तथा खनिज संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार स्थानीय लोगों का होना चाहिए।
हांसदा ने कहा कि झारखंड में केंद्र की योजनाओं में कथित कमी के बाद राज्य सरकार ने अबुआ आवास और हरा राशन कार्ड जैसी योजनाएं शुरू कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि नए विधेयक से झारखंड के खनिज संसाधनों का लाभ राज्य की अपेक्षा केंद्र और बड़े उद्योगपतियों को अधिक मिलने की आशंका है। उन्होंने कहा कि झामुमो इस कानून के खिलाफ व्यापक आंदोलन करेगा और इसे वापस लेने की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।
‘राज्य के विकास कार्यों पर पड़ेगा असर’
महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि झारखंड देश के खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व का उपयोग विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं में करती है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के नए कानून से राज्य के विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विधेयक के विरोध में व्यापक स्तर पर आंदोलन की जरूरत है। झामुमो कार्यकर्ता गांव-गांव तक लोगों को इसके प्रावधानों और पार्टी के विरोध की जानकारी देंगे। ‘झारखंड के साथ अन्याय’ का लगाया आरोप
लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में जल्दबाजी में विधेयक पारित कर केंद्र सरकार ने झारखंड के हितों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने इसे झारखंड और झारखंडियों के विकास एवं भविष्य के लिए बड़ा झटका बताया। मुर्मू ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगा और राज्य के अधिकारों के लिए आंदोलन जारी रखेगा।
पंचायत स्तर तक आंदोलन की तैयारी
झामुमो जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने विधेयक वापस नहीं लिया तो झारखंड में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकुड़ जिले के प्रत्येक प्रखंड, पंचायत और शहर में विधेयक के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आंदोलन की तैयारी में जुटने और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता को जागरूक करने का आह्वान किया। जिला उपाध्यक्ष हाजी समद अली, जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे, जिला सचिव माईकिल मुर्मू और सांसद प्रतिनिधि सह केंद्रीय समिति सदस्य श्याम यादव ने भी बैठक को संबोधित किया। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर विधेयक की जानकारी देने तथा आगामी आंदोलन की तैयारी करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रखंड स्तर पर आंदोलन की तैयारी के लिए जिला समिति के पदाधिकारियों को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। मौके पर जिला उपाध्यक्ष पीटर मरांडी, केंद्रीय समिति सदस्य उमर फारूक, मिथिलेश घोष, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनील टुडू, संगठन सचिव अनारूद्दीन मियां, मुस्लोद्दीन अंसारी, मुनिराम मरांडी, महिला जिलाध्यक्ष जोसेफिना हेम्ब्रम, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दानियल किस्कू, बुद्धिजीवी मोर्चा जिलाध्यक्ष देवीलाल हांसदा, नगर अध्यक्ष मुकेश सिंह सहित विभिन्न प्रखंडों एवं मोर्चों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।



