खनिज विधेयक के विरोध में JMM की बैठक, आंदोलन की रणनीति पर बनी सहमति
JMM holds meeting to oppose the Minerals Bill; consensus reached on agitation strategy.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ बाजार समिति प्रांगण में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा पारित माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 को लेकर विस्तार से चर्चा की गई तथा इसके विरोध में आगे की रणनीति तैयार करने पर मंथन हुआ। बैठक में सांसद विजय कुमार हांसदा, विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी और विधायक हेमलाल मुर्मू समेत पार्टी के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में नेताओं ने कहा कि खनिज संपदा झारखंड की पहचान और आर्थिक संसाधनों का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों और राजस्व पर केंद्र का बढ़ता नियंत्रण राज्य के हितों के लिए चिंता का विषय है। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर आम जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। गौरतलब है कि माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 लोकसभा में 12 अगस्त और राज्यसभा में 13 अगस्त 2026 को पारित हुआ। लोकसभा में विधेयक को बिना बहस पारित किए जाने को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराया था। विधेयक का एक प्रमुख प्रावधान राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों अथवा खनिज-युक्त भूमि पर कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने की शक्तियों को सीमित करने से जुड़ा है। बैठक के बाद विधायक हेमलाल मुर्मू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संसद में बिना पर्याप्त बहस और चर्चा के इस तरह का महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया जाना लोकतांत्रिक एवं संघीय व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर निर्णय लेने में राज्य के अधिकारों और हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड में कोयला, अभ्रक, मैंगनीज, यूरेनियम समेत कई महत्वपूर्ण खनिज संसाधन हैं। इनसे मिलने वाले राजस्व का लाभ राज्य और यहां की जनता के विकास में होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से राज्य के अधिकार और राजस्व प्रभावित होने की आशंका है। हेमलाल मुर्मू ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस मुद्दे को लेकर आम जनता के बीच जायेगा और व्यापक जनसमर्थन जुटाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर खनिज विधेयक के विरोध में व्यापक जनआंदोलन भी किया जायेगा। पार्टी नेताओं ने बैठक में आन्दोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने और झारखंड के हितों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष करने का आह्वान किया। बैठक में नेताओं ने स्पष्ट किया कि झारखंड की खनिज संपदा से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास, रोजगार और आम लोगों के हित में इस्तेमाल होना चाहिए। पार्टी कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद करने की अपील की गई। वही सांसद विजय कुमार हसदा एवं विधायक प्रोफेसर स्टीफन मरांडी ने भी उल्लेखनीय विधेयक को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें पेशकश की। कहां झारखण्ड खनिज संपदा से भरा हुआ है और यह झारखण्ड वासियों की हित में सकारात्मक आर्थिक स्थिति को लगातार मजबूती में सहयोगी है। मगर केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये विधेयक झारखण्ड की हितार्थ में समर्पित नहीं है। खनिज संपदा पर केन्द्र की पूरी नियंत्रण रहने पर पर राज्यहित की उम्मीदें आशंका में परिवर्तित कर सकता है। कहा इस विधयेक के खिलाफ रणनीतिक वार्ता/ जनजागरण अभियान/ जन आंदोलन जरूरी है, जिससे हमारे हक में किसी प्रकार की पेचीदगी न रहे। बैठक में जिला उपाध्यक्ष हाजी समाद अली, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, केन्द्रीय समिति सदस्य हरिवंश चौबे अन्य ने भी महत्वपूर्ण सुझाव पेश किया। साथ ही मंच का संचालन जिला अध्यक्ष अजीजुल ईस्लाम ने किया। बैठक में काफी संख्या में झामुमो पदाधिकारी- कार्यकर्ताओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित किया।



