हापुड़

सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़,हापुड़ ने छात्रों चिकित्सकों और समुदाय को तंबाकू एवं निकोटीन की लत के खिलाफ जागरूक करने के लिए किया एकजुट

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 पर सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक, स्वास्थ्य वार्ता एवं जनजागरूकता अभियान का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

हापुड़ – विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (SIMS), हापुड़ के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा “तंबाकू और निकोटीन की लत के आकर्षण का पर्दाफाश” (Unmasking the Appeal – Countering Nicotine and Tobacco Addiction) विषय पर व्यापक जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तंबाकू एवं निकोटीन के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा तंबाकू-मुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. (ब्रिगेडियर) विनीत रस्तोगी एवं डॉ. ए. रेवंत कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का सफल समन्वयन डॉ. कोनिका गुप्ता (सहायक प्रोफेसर), डॉ. विनय कुमार (सहायक प्रोफेसर) एवं डॉ. सिनीश टी. वी. (सीनियर रेजिडेंट) द्वारा किया गया।
इस आयोजन को सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एवं सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के नेतृत्व का विशेष सहयोग एवं प्रोत्साहन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम डॉ. बरखा गुप्ता, प्राचार्या, डॉ. मेजर जनरल सी.एस. अहलूवालिया, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. सहगल, वरिष्ठ सलाहकार, श्री एन. वर्धराजन, महाप्रबंधक तथा श्री रघुवर दत्त, निदेशक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिनके निरंतर सहयोग एवं प्रशासनिक नेतृत्व ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. जे. रामचंद्रन तथा उपाध्यक्ष श्रीमती रम्या रामचंद्रन के दूरदर्शी नेतृत्व में संस्था स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। जनस्वास्थ्य जागरूकता एवं निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता समाजहित में ऐसे सार्थक कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित करती रही है।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एमबीबीएस 2023 बैच के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। विद्यार्थियों ने प्रभावशाली अभिनय एवं रचनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों, निकोटीन की लत की गंभीरता तथा तंबाकू जनित रोगों के व्यक्ति एवं परिवार पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को अत्यंत प्रभावी ढंग से दर्शाया।

नुक्कड़ नाटक में यह भी बताया गया कि किस प्रकार तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों को आकर्षक पैकेजिंग एवं भ्रामक प्रचार के माध्यम से युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रस्तुति ने छात्रों, मरीजों, अस्पताल आगंतुकों एवं कर्मचारियों का ध्यान आकर्षित किया तथा तंबाकू छोड़ने के विषय पर सार्थक चर्चा को बढ़ावा दिया।

जनजागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्नातक विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर प्रदर्शनी एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। प्रदर्शित पोस्टरों में धूम्रपान एवं अन्य तंबाकू उत्पादों से होने वाले दुष्प्रभावों जैसे मुख कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियां तथा परोक्ष धूम्रपान (Passive Smoking) के खतरों को विस्तार से दर्शाया गया।
विद्यार्थियों ने उपस्थित लोगों को अपने पोस्टरों की विषयवस्तु समझाते हुए तंबाकू नियंत्रण, रोकथाम एवं नशामुक्ति के महत्व पर जानकारी दी। यह प्रदर्शनी लोगों को शिक्षित करने तथा तंबाकू नियंत्रण के विषय में जागरूकता बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम साबित हुई।
इस अवसर पर डॉ. कोनिका गुप्ता एवं डॉ. सानोजा श्रिया द्वारा एक विस्तृत स्वास्थ्य वार्ता (Health Talk) प्रस्तुत की गई। उन्होंने तंबाकू एवं निकोटीन सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों, तंबाकू जनित रोगों के बढ़ते बोझ, परोक्ष धूम्रपान के दुष्प्रभावों तथा नए निकोटीन उत्पादों से उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि तंबाकू की लत से मुक्ति संभव है तथा इसके लिए परामर्श, व्यवहार परिवर्तन, चिकित्सकीय सहायता एवं पारिवारिक सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वक्ताओं ने लोगों को तंबाकू छोड़ने हेतु उपलब्ध विभिन्न सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की।

कार्यक्रम को स्नातकोत्तर रेजिडेंट्स डॉ. पल्लवी एवं डॉ. धर्मेंद्र सिंह सहित विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट्स, इंटर्न्स एवं विद्यार्थियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। सभी के सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ तथा इसकी व्यापक पहुंच बनी।

पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव के दूत बनने के लिए प्रेरित किया गया। विशेष रूप से युवाओं को निकोटीन की लत से बचाने तथा तंबाकू सेवन की शुरुआत को रोकने के लिए शिक्षा एवं जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया गया।

कार्यक्रम का समापन एक सशक्त संदेश के साथ हुआ, जिसमें सभी से तंबाकू के प्रभाव से दूर रहने, तंबाकू छोड़ने वाले लोगों का सहयोग करने तथा एक स्वस्थ एवं तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
प्रतिभागियों ने तंबाकू एवं निकोटीन की लत के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता फैलाने तथा आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू जनित हानियों से बचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प लिया।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 का यह सफल आयोजन सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ की सामुदायिक स्वास्थ्य, निवारक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य जागरूकता के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण रहा तथा तंबाकू-मुक्त भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

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