गाजियाबाद
लोनी में बिजली चोरी पर विद्युत विभाग का बड़ा अभियान, 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज
बिजली चोरी वाले इलाके से सम्बंधित जे ई को इसके लिए माना जाए जिम्मेदार, लोगों ने उठाई मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : विद्युत वितरण खंड प्रथम के अंतर्गत उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता ने विजिलेंस टीम के साथ संयुक्त अभियान चलाकर बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान दो अलग-अलग टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे लोगों को पकड़ा।
पहली टीम ने पाभी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पूजा कॉलोनी, खुशहाल पार्क, मिन्नत कॉलोनी और पीवी-9 इलाके में बिजली चोरी के मामलों का पकड़कर खुलासा किया। वहीं दूसरी टीम ने बलराम नगर क्षेत्र के अपर कोट कस्बा चौकी क्षेत्र, टोली मोहल्ला, इकराम नगर और अपर कोट में जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान कई उपभोक्ता अवैध तरीके से बिजली का उपयोग करते पाए गए।
विद्युत विभाग की ओर से कुल 15 प्राथमिकी दर्ज कर संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा।
इधर लोनी क्षेत्र में लगातार पकड़ी जा रही बिजली चोरी को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों की सांठगांठ के बिना इतने बड़े स्तर पर बिजली चोरी संभव नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत न हो तो क्षेत्र में बिजली कटौती और लो-वोल्टेज जैसी समस्याएं काफी हद तक समाप्त हो सकती हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता पवन सैन ने मांग करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी पकड़ी गई है, वहां संबंधित फील्ड कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग को केवल उपभोक्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाय उन कर्मचारियों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाने चाहिए जिनकी लापरवाही या मिलीभगत से बिजली चोरी को बढ़ावा मिलता है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि बिजली चोरी के कारण विभाग को भारी राजस्व नुकसान होता है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था के रूप में देखने को मिलता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी की सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
