
नेशनल प्रेस टाइम्स, बूरो
हसनपुर। भारतीय किसान यूनियन (इंडिया) के बैनर तले मंगलवार को क्षेत्र के किसानों ने एक महापंचायत आयोजित कर सात गांवों की भूमि के प्रस्तावित अधिग्रहण का विरोध किया। किसानों ने उचित मुआवजा, फसलों के नुकसान की भरपाई तथा अन्य समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
कुटी दौलतपुर स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित महापंचायत की अध्यक्षता गुड्डू प्रधान गंगावार ने की, जबकि संचालन लोकेश विगुड़ी ने किया। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को उचित सर्किल रेट और मुआवजा नहीं दिया जा रहा है, जिससे किसानों में भारी असंतोष है। किसानों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक वे अपनी भूमि देने को तैयार नहीं हैं।
महापंचायत में किसानों ने मांग उठाई कि ग्रीन गलियारे के तहत अधिग्रहित की जा रही भूमि के बदले फसलों के नुकसान का उचित मूल्यांकन कर प्रति एकड़ 20 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना था कि भूमि अधिग्रहण से उनकी आजीविका और पशुपालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने ग्रीन गलियारे की जद में आने वाली भूमि पर पशुओं के लिए हरा चारा बोने की अनुमति देने की भी मांग की।
इसके अलावा किसानों ने सहकारी समितियों में खाद की कमी को तत्काल दूर करने, आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने तथा किसानों से जुड़ी अन्य समस्याओं के निस्तारण की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो किसान व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
इस मौके पर कमरुल इस्लाम हितेश भाटी संजय कुमार इरफान मारूफ शौकीन अली दलचंद सिंह संजय सिंह धर्मवीर सिंह महावीर और अमित साहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे



