हिंडन मंथन-2026 में हिंडन नदी के पुनर्जीवन पर हुआ मंथन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदी हिंडन के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को लेकर बुधवार को मेरठ स्थित एक होटल में ‘हिंडन मंथन-2026’ का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य स्वच्छ गंगा मिशन एवं भारतीय नदी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला में नदी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और नदी प्रेमियों ने भाग लेकर हिंडन नदी की वर्तमान स्थिति तथा उसके स्थायी समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक, सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, विधायक अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री उत्तराखंड के रणनीतिक सलाहकार मनु गौड़ तथा शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने किया।
कार्यशाला में चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सी-गंगा के संस्थापक डॉ. विनोद तारे, पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. अनिल गौतम, आईसीएआर-सीएसडब्ल्यूसीआरटीआई के वैज्ञानिक डॉ. डी.एस. बुंदेला, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वैज्ञानिक गौरा चंद्र दास, रिचार्ज तकनीक के विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पोसवाल सहित अनेक विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। भारतीय नदी परिषद के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल ने भी हिंडन नदी सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया।
समापन सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सोमेंद्र तोमर, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व राज्यसभा सदस्य विजयपाल तोमर, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगेंद्र सिंह, भारतीय नदी परिषद के सलाहकार मनु गौड़ तथा विधायक किशोर उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सहारनपुर, मेरठ, शामली, बागपत और मुजफ्फरनगर सहित हिंडन नदी बेसिन क्षेत्र के विभिन्न जिलों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यशाला में लिए गए निर्णयों और सुझावों को ‘मेरठ डिक्लेरेशन-2026’ के रूप में जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से हिंडन नदी के पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।


