असम

असम में 1 करोड़ फल पौधों के वितरण लक्ष्य के साथ बीज व रोपण सामग्री वितरण अभियान की शुरुआत। 

मंत्री पीयूष हज़ारिका के उपस्थिति में हुई शुरुआत। 

 नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम के कामरूप ज़िले के काहिकुची स्थित उन्नत उद्यान फसल उत्पादन केंद्र प्रांगण में रविवार को असम कृषि विश्वविद्यालय की पहल पर आयोजित “बीज और रोपण सामग्री के औपचारिक वितरण” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि, जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग के मंत्री पीयूष हाजरीका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंत्री हाजरीका ने असम कृषि विश्वविद्यालय को इस सराहनीय पहल के लिए धन्यवाद देते हुए घोषणा की कि कृषि विभाग ने पूरे राज्य में 1 करोड़ उच्च उत्पादक क्षमता वाले उद्यान फसल पौधों के वितरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि फल और नगदी फसलों के उत्पादन पर विशेष जोर देकर किसानों की आय में बड़ी वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एक ही खेत में योजनाबद्ध ढंग से नारियल, मिर्च, अनानास और ड्रैगन फ्रूट जैसी लाभकारी फसलों की मिश्रित खेती (मल्टी-क्रॉपिंग) अपनाई जाए, तो किसान परिवारों का आर्थिक लाभ कई गुना बढ़ सकता है। हजारीका ने राज्य के युवाओं से अपील की कि वे कम वेतन वाली साधारण नौकरियों के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन करने के बजाय वाणिज्यिक कृषि को अपनाकर आत्मनिर्भरता की राह चुनें। मंत्री ने कम उत्पादन के लिए कीट संक्रमण या मोबाइल टावर के विकिरण जैसी अप्रमाणित वजहों को बढ़ावा देने के बजाय कठोर परिश्रम और हर समस्या के व्यावहारिक समाधान खोजने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने दोहराया कि किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दाम पर उर्वरक बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।हजारीका ने कहा कि इस वर्ष समय पर धान के बीज वितरण से स्थानीय किसानों को बड़ी राहत और लाभ मिला है। साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम-किसान और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी केंद्र की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर किसान पंजीकरण प्रक्रिया को तेज और विस्तारित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से कृषि अवसंरचना कोष (Agri Infrastructure Fund) का लाभ उठाने की भी अपील की।देश के व्यापार घाटे का उल्लेख करते हुए मंत्री ने स्थानीय किसानों से तेलहन और दलहन फसलों के उत्पादन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया, ताकि आयात व्यय में कमी लाई जा सके। पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण को लेकर कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें केवल किसानों के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाती हैं। रविवार के इस कार्यक्रम में मंत्री पीयूष हजारीका ने लगभग 100 किसानों के बीच फल पौध, मिट्टी मटर और मूंग की किस्मों के बीज तथा स्प्रेइंग मशीनें औपचारिक रूप से वितरित कीं। कार्यक्रम में असम कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति दीपज्योति राजखोवा, उद्यान कृषि विभाग के संचालक नृपेन चंद्र दास सहित कई अन्य विशिष्ट व्यक्तित्व उपस्थित रहे।

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