गोड्डा
गोड्डा मुख्य बाजार के गोलीकांड व लूटकांड से अपराधियों का पुलिस को खुला चैलेंज
करीब दो दशक पूर्व इस तरह की वारदात हुई थी

पुलिस की नाकामी और लेटलतीफी से वारदात को अंजाम दे गए अपराधी
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
गोड्डा। गोड्डा के मुख्य बाजार में गोलीकांड और लूटकांड को अंजाम देकर अपराधियों ने पुलिस को खुला चैलेंज दे दिया है। इस तरह की वारदात को अंजाम देने जाने के उपरांत पुलिस की काफी फजीहत हो रही है। शहर के बुद्धिजीवियों का कहना है कि शालीमार के सामने अपराधियों ने बेखौफ होकर हवाई फायरिंग कर दहशत मचाने का काम किया। जबकि पास के कारगिल चौक पर हमेशा ट्रैफिक पुलिस के अलावा गश्ती वाहन की पुलिस से मौजूद रहती है। अगर पुलिस तेजी से हरकत में आती तो इस तरह से अपराधियों द्वारा वारदात को अंजाम दिए जाने के उपरांत भागने का मौका नहीं मिलता। पुलिस क्राइम कंट्रोल करने के मामले में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। सर के बुद्धिजीवियों का यह भी कहना है कि आखिरकार पुलिस कर भी तो क्या करें। यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पदाधिकारी को वाहन के हवा को खोलने के अलावा चोरी चकारी भी देखना पड़ता है। अब अचानक से इस तरह के वारदात को अंजाम दिए जाने के उपरांत पुलिस पूरी तरह से दिन भर के भाग दौड़ के बाद शाम के समय थोड़ा सुस्त रहकर आराम करने के मूड में रहती है। शाम के टाइम में क्राइम हो जाता है तो क्राइम सीन पर पहुंचने में भी थोड़ी वक्त तो लग ही जाती है।
करीब दो दशक पूर्व इस तरह की घटना को वारदात दे चुके हैं अपराधी
जिला मुख्यालय में इस तरह की घटना को अंजाम देने के फिलहाल अपराधियों द्वारा कोशिश इसके पूर्व नहीं रही है। हां लेकिन इतना जरूर बुद्धिजीवी बताते हैं कि करीब दो दशक पूर्व एलआईसी के पास इस तरह की घटना को अपराधियों द्वारा अंजाम दिया गया था।
क्यों बड़ा है अपराधियों का इतना मनोबल
वर्तमान वक्त में पुलिस के कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है। अपराधियों का क्यों इतना मनोबल बढ़ गया है। इस संदर्भ में भी चिंतन मनन करने की जरूरत है। अपराधियों के बीच पुलिस का भय निश्चित तौर पर काम हुआ है। बुद्धिजीवियों का मानना है कि बिगत दो-तीन वर्षों से अवैध खनन बालू और जमीन के मामले में वैसे तबको के बीच पुलिस काफी हद तक हल्की हो चुकी है। इस वजह से ऐसे बड़े अपराध को अंजाम देने वाले भी अपराधी पुलिस के अन्य गतिविधियों से मानसिक रूप से बोल्ड हो चुके हैं। नहीं तो सरेआम भरे बाजार में भीड़ वाले स्थान पर अपराधियों द्वारा किसी सिरफिरे के तरह भद्दी भद्दी गालियां बकते हुए हवा में पिस्टल लहरा कर फायरिंग करते हुए आराम से मुख्य बाजार पारकर भाग जाना मात्र ही पुलिस के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस रही सुस्त
शहर के बुद्धिजीवियों के अलावा दुकानदारों का कहना है कि गोलीकांड और लूटकांड की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की ओर से मामले में सुस्ती दिखाई गई है। लोगों का कहना है कि लूटने के बाद हवाई फायरिंग मार कर अपराधी गोड्डा -पीरपैंती रोड की ओर भागते रहे। मुख्य बाजार पर किया। इस बीच अगर पुलिस चाहती तो ढंग से नाकाबंदी कर घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को अपने गिरफ्त में ले सकती थी।
दिन भर चला हाई वोल्टेज ड्रामा
एक तरफ पुलिस की ओर से दिन भर हाई वोल्टेज ड्रामा करते हुए ज्वेलरी शॉप के घटना स्थल के सामने वाले दुकान शालीमार में सीसीटीवी फुटेज को खंगालने का काम किया गया। जबकि घटना के तुरंत उपरांत ही सीसीटीवी फुटेज विभिन्न सोशल साइट में दिखाया जा रहा है। इतना ही नहीं अपराधियों के भागते हुए फुटेज के फोटो को प्रिंट के अखबारों में भी छापा गया है। अब उस सीसीटीवी फुटेज को देखे जाने का हाई वोल्टेज ड्रामा को छोड़कर पुलिस को इस बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों के गिरेहबाह तक पहुंचने की जरूरत है।
घटना में डेविल ग्रुप के सदस्य तो शामिल नहीं..!
ज्वेलरी शॉप में लूटकांड और हवाई फायरिंग के तौर पर गोली कांड के अंजाम को देने वाले अपराधियों में कहीं डेविल ग्रुप के सदस्य तो शामिल नहीं है..? ऐसा शहर के बुद्धिजीवियों के अलावा पुलिस सुत्रो को भी अंदेशा है। हालांकि यह तो पूरी तरह से अपराधियों के धड़ पकड़ के बाद ही पुलिस की ओर से खुलासा हो पाएगा।
व्यापारियों वर्ग ने कई बार किया प्रदर्शन
घटना से आकर्षित व्यापारियों ने कई बार कारगिल चौक के आसपास प्रदर्शन किया। व्यापारियों की ओर से आते जाते पुलिस पदाधिकारी के सामने थपड़ी बजाकर पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाए गए। व्यापारियों के आह्वान पर सभी व्यापारियों ने तकरीबन 1 से 2:00 बजे तक अपनी – अपनी दुकानों को बंद रखा।
11 घंटे के अंदर पुलिस को नहीं लग पाई है सुराग
पुलिस सिस्टम में भी बदलाव हुआ है। कुछ पुराने पदाधिकारी का यहां से तबादला होने के बाद नए पदाधिकारी ने व्यवस्था संभाला है। वैसे पदाधिकारी को गोड्डा के भौगोलिक स्थिति से वाकिफ नहीं है। इसलिए पुलिस को इतने बड़े क्राईम का उद्वेदन करने में समय लग रहा है। घटना के 11 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ सुराग नहीं लगी है। हालांकि पुलिस की ओर से इतना जरूर कहा जा रहा है कि जल्द ही मामले का उद्वेदन कर लिया जाएगा।




