पाकुड़ सदर प्रखंड सभागार में 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क शिविर का आयोजन
90-Day Intensive Legal Awareness and Public Outreach Camp Organized at Pakur Sadar Block Hall

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ के तत्वावधान में शनिवार को पाकुड़ सदर प्रखंड सभागार में 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय के निर्देश पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन डालसा की सचिव रूपा बंदना किरो, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ सुबोध कुमार दफादार, स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सहायक गंगाराम टुडू, बीपीओ मोहन साहा तथा पीसीआई–यूनिसेफ के जिला कार्यक्रम समन्वयक मो. अनीश अंसारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर को संबोधित करते हुए डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त कर लोगों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने बाल विवाह को सामाजिक अभिशाप बताते हुए निर्धारित आयु से पहले बेटियों का विवाह नहीं करने की अपील की। साथ ही पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ सुबोध कुमार दफादार ने दहेज निषेध कानून एवं उससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। वहीं सहायक गंगाराम टुडू ने डायन प्रथा, दहेज प्रथा और बाल श्रम जैसे अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं दंड के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की। स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव तक कानूनी सेवाएं पहुंचाना, लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स की भूमिका को मजबूत करना है। उन्होंने किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में नालसा के टोल-फ्री नंबर 15100 पर संपर्क करने या जिला विधिक सेवा प्राधिकार से सहायता लेने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए, जिसका निरीक्षण डालसा सचिव एवं अन्य अधिकारियों ने किया। उन्होंने लोगों से सरकारी योजनाओं और विधिक सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। पीसीआई–यूनिसेफ के जिला कार्यक्रम समन्वयक मो. अनीश अंसारी ने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित सकारात्मक संवाद (इंटरजनरेशनल डायलॉग) बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि परिवार में खुला संवाद युवाओं को नशे की प्रवृत्ति और मानसिक तनाव से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने मोबाइल फोन के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों से बच्चों के डिजिटल उपयोग पर उचित निगरानी रखने की भी अपील की। कार्यक्रम का संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वास ने किया। इस अवसर पर जेएसएलपीएस की सबीना यास्मीन, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक समा परवीन, बीपीओ मोहन साहा, कृषि विभाग के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी साझा की। शिविर में बीएओ नारद मंडल, वन स्टॉप सेंटर की बीना कुमारी, मनी दीपा साहा, सर्वेश्वर मंडल, यूनिसेफ के ब्लॉक फैसिलिटेटर मधु भगत, चिकित्सा विभाग से डॉ. एम.डी. अख्तरुल अली, अनूप मुंडा, स्टेला सोरेन, जीआरसी की सकीना खातून, दुलाली मंडल, बेबी मुर्मू, सामाजिक कार्यकर्ता नसरुद्दीन शेख, स्वप्न प्रमाणिक, आलियारा खातून, सीना खातून, अमीना खातून, पैरा लीगल वॉलंटियर्स कमला राय गांगुली, पिंकी मंडल, रानी साहा, नीरज कुमार राउत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।



