गाजियाबाद

लोनी में पुलिस ही सुरक्षित नहीं? 

महिला उप निरीक्षक से मोबाइल लूट की चर्चा, थाना प्रभारी ने घटना से किया इंकार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद :  ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में महिला उप निरीक्षक से तमंचे के बल पर मोबाइल फोन लूटे जाने की चर्चाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह घटना सही है तो यह अपने आप में बेहद गंभीर मामला है, क्योंकि जब  पुलिसकर्मी ही अपराधियों के निशाने पर हों, तो आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार 29 जुलाई 2026 की रात करीब 9:30 बजे थाना ट्रॉनिका सिटी में तैनात महिला उप निरीक्षक बाजार से अपने आवास वापस लौट रही थीं। इसी दौरान स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार एक अज्ञात बदमाश ने कथित रूप से उनकी स्कूटी रोककर तमंचे के बल पर मोबाइल फोन लूट लिया और मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि महिला उप निरीक्षक ने आरोपी का पीछा भी किया, लेकिन वह भागने में सफल रहा। अंधेरा होने के कारण बाइक का नंबर भी स्पष्ट रूप से नहीं देखा जा सका।
सूत्रों का कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। वहीं यह भी चर्चा है कि लूटा गया मोबाइल शासकीय एवं व्यक्तिगत संपर्कों से जुड़ा हुआ था, जिससे मामले की संवेदनशीलता बढ़ जाती है।
हालांकि, इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब थाना ट्रॉनिका सिटी प्रभारी ने ऐसी किसी घटना से साफ इंकार किया। थाना प्रभारी के इस बयान के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसी घटना वास्तव में हुई है तो पुलिस को किरकिरी से बचने के लिए उसे दबाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पुलिसकर्मी के साथ लूट जैसी वारदात होती है और उसकी पुष्टि तक नहीं होती, तो आम जनता का विश्वास कैसे मजबूत होगा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति के बीच इस तरह की चर्चाएं पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रही हैं।
अब सभी की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि घटना हुई है तो उसका निष्पक्ष खुलासा और आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की साख के लिए भी महत्वपूर्ण होगी। वहीं यदि ऐसी कोई घटना नहीं हुई, तो पुलिस को तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट कर अफवाहों पर विराम लगाना चाहिए।
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