गाजियाबाद
चाइनीज मांझा प्रकरण में लोनी पुलिस पर रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने का आरोप
पुलिस कमिश्नर ने तलब की जांच रिपोर्ट
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बड़ी खेप लोनी से बरामद करने के मामले में अब पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए एक आरोपी को कथित तौर पर रिश्वत लेकर छोड़ दिया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने इस मामले को गंभीरता से लेकर एसीपी लोनी से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि 29 जुलाई को पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) संस्था से जुड़े गौरव गुप्ता की सूचना पर पुलिस ने बंथला चौकी क्षेत्र के राम विहार कॉलोनी और इंदिरापुरी में छापेमारी की थी। इस दौरान कुल करीब 570 रोल प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद किया गया। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
पुलिस के अनुसार, पहले राम विहार स्थित एक मकान से 120 रोल चाइनीज मांझा बरामद हुआ, जहां से दो लोगों को हिरासत में लिया गया। उनकी निशानदेही पर इंदिरापुरी में दूसरी कार्रवाई की गई, जहां आठ पेटियों में रखे लगभग 450 रोल चाइनीज मांझा बरामद होने का दावा किया गया। यहां से तीन अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया।
दिल्ली से जुड़े थे इस मामले के तार
गौरव गुप्ता के अनुसार, इससे पहले दिल्ली में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के साथ पकड़े गए एक व्यक्ति से पूछताछ के दौरान लोनी में संचालित इस अवैध कारोबार की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर संयुक्त कार्रवाई कराई गई।
रिश्वत और धमकी के आरोप
अब इस मामले में मुखबिर ने आरोप लगाया है कि बंथला चौकी क्षेत्र से पकड़े गए एक आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ दिया गया। साथ ही यह भी आरोप है कि चौकी प्रभारी ने भविष्य में इस तरह की सूचना देने पर इसके गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
इन आरोपों के बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने एसीपी लोनी को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल रिश्वत और धमकी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है तथा पूरे मामले की जांच जारी है।
