शंकर भूषण सरन इंटर कॉलेज में एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सम्भल। शंकर भूषण शरण जनता इंटर कॉलेज,सम्भल में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के अंतर्गत युग्मित राज्यों अरुणाचल प्रदेश एवं मेघालय की भाषाओं एवं सांस्कृतिक विविधता पर आधारित निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारत की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, विभिन्न राज्यों की परंपराओं को समझने की प्रेरणा देना तथा राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करना रहा। प्रतियोगिता में विद्यालय के 63 छात्र छात्राओं ने पूरे उत्साह और लगन के साथ प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने अपने निबंधों के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश और मेघालय की भाषा, संस्कृति परंपराओं,प्राकृतिक,सौंदर्य लोकजीवन तथा भारत की “विविधता में एकता” की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने रचनात्मक विचारों के साथ अपने लेखन कौशल का भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक समन्वय स्थापित करना है, ताकि विद्यार्थी एक-दूसरे की परंपराओं, भाषाओं और जीवन शैली को समझते हुए राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ बना सकें। इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक डॉ. टेकचंद, विपिन कुमार, अशोक कुमार, सुधा सैनी, उपेंद्र, मुकेश शर्मा, मनोज गुप्ता, मनोज भास्कर, मनोज कुमार मौर्य,तथा मुकेश कुमार शर्मा,सहित अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय सहयोग रहा। सभी शिक्षकों ने प्रतियोगिता के संचालन, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह बर्तवाल, ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में ज्ञानवर्धन के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सद्भाव की भावना को विकसित करती हैं। उन्होंने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि देश की विविध भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा आयोजन को सफल बनाने वाले सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।



